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एसटीएफ का बड़ा खुलासा: फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र गिरोह के दो सदस्य बरेली से गिरफ्तार

एसएमयूपीन्यूज,लखनऊ । उत्तर प्रदेश एसटीएफ को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ ने अन्तर्राज्यीय स्तर पर फर्जी वेबसाइट, सॉफ्टवेयर एवं पोर्टल के माध्यम से कूटरचित जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले एक संगठित गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को जनपद बरेली से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बीते लंबे समय से फर्जी प्रमाणपत्रों के माध्यम से सरकारी योजनाओं का अनुचित लाभ उठा रहा था।

अभियुक्तों के कब्जे से भारी मात्रा में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बरामद

गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम देव सिंह पुत्र महेन्द्रपाल सिंह, निवासी ग्राम खेड़ा, थाना भमोरा, जनपद बरेली रवि सिंह पुत्र महेन्द्रपाल सिंह, निवासी ग्राम खेड़ा, थाना भमोरा, जनपद बरेली है।इन्हें कस्बा देवचरा, थाना भमौरा बरेली से गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से दो लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन, एक आधार कार्ड, एक एटीएम, 26 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, चार मृत्यु प्रमाण पत्र, दो हजार रुपये नकद बरामद किया है।

पिछले कुछ समय से एसटीएफ को सूचना मिल रही थी कि एक संगठित गिरोह फर्जी पोर्टल बनाकर जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर रहा है और उन्हें कूटरचित दस्तावेजों जैसे आधार कार्ड, पासपोर्ट एवं बैनामे आदि के लिए प्रयोग में लाया जा रहा है। इन सूचनाओं पर कार्य करते हुए एसटीएफ की अयोध्या फील्ड यूनिट द्वारा पुलिस उपाधीक्षक प्रमेश कुमार शुक्ल के पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम गठित की गई।

ऑनलाइन फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का कर रहे थे काम

टीम में उप निरीक्षक सौरभ मिश्रा, मुख्य आरक्षी अंजनी यादव, विमलेन्द्र मोहन मिश्र व महेश पाण्डेय शामिल थे। बरेली में मौजूद इस टीम ने स्थानीय एसटीएफ फील्ड यूनिट के सहयोग से एक विश्वसनीय मुखबिर की सूचना पर दोनों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

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अभियुक्तों ने बताया कि वे साइबर कैफे संचालित करते हैं और देव सिंह एक इंटर कॉलेज में इतिहास का अध्यापक है। अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए वे ऑनलाइन फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाते थे। इसके लिए फेसबुक पर फर्जी पोर्टल तैयार करने वालों से संपर्क कर पोर्टल बनवाया जाता था और फेसबुक ग्रुप्स में विज्ञापन देकर लोगों को आकर्षित किया जाता था।

पिछले तीन वर्षो में कमाया 28 लाख से अधिक

उपलब्ध कराए गए लिंक (https://dc.crsorgi.gov.in.indesx.cloud/register.php) के माध्यम से यूजर से 200 वसूले जाते थे और बिना किसी दस्तावेज के प्रमाण पत्र डाउनलोड किया जा सकता था। पोर्टल के जरिए प्राप्त QR कोड से जुड़े बैंक खाते में पिछले तीन वर्षों में 28 लाख से अधिक की अवैध आमदनी का पता चला है।गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध थाना भमोरा, जनपद बरेली में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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