एसएमयूपीन्यूज,ब्यूरो। उत्तराखंड के सीमांत जनपद उत्तरकाशी में आज सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। सीमांत जनपद में एक घंटे में दोबार धरती हिली। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई। इस दौरान लोग घरों के बाहर निकल गए। अभी तक जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। जिला प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
पहला झटका सुबह 7 बजकर 41 मिनट पर महसूस किया गया
उत्तरकाशी आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार पहला झटका सुबह 7 बजकर 41 मिनट पर महसूस किया गया। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता दो दशमलव सात मापी गई। इसका केंद्र तिलोथ के पास था। दूसरा झटका 8 बजकर 19 मिनट पर महसूस किया गया। इसकी तीव्रता तीन दशमलव पांच मापी गई। इसका केंद्र तहसील भटवाड़ी के दयारा बुग्याल का वन क्षेत्र था।
सभी तहसीलों से भूकंप की जानकारी मांगी
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी तहसीलों से भूकंप की जानकारी मांगी है। जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने अधिकारियों को जिले के सभी तहसील क्षेत्रों से भूकंप के असर के बारे में सूचना जुटाने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल जिले में कही से भी जान माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
1991 में उत्तरकाशी में भूकंप से एक हजार लोगों को जान गंवानी पड़ी थी
आंखों में कौंधा 1991 का विनाशकारी भूकंप भूकंप के झटके लगते ही लोगों की आंखों में 1991 का विनाशकारी भूकंप कौंध गया। 1991 में उत्तरकाशी में भूकंप से एक हजार से अधिक लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। उत्तरकाशी के बाराहाट निवासी 76 वर्षी राधा पैन्यूली ने बताया कि आज सुबह 1991 की कड़वी याद ताजा हो गई। वह 1991 के भूकंप को कभी नहीं भूल पाएंगी।
जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।