लखनऊ । एसटीएफ यूपी को अभियुक्तों द्वारा संगठित गिरोह बनाकर विदेशी व चीनी नागरिकों को गेमिंग, ट्रेडिग, लोनिंग ऐप एवं डिजिटल अरेस्ट द्वारा व अन्य अवैध गतिविधियों के लिए भारतीय नागरिकों के बैक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह का पदार्फाश कर गिरोह के तीन सदस्यों को गौतमबुद्धनगर से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई।

नेपाली करेंसी नोट भी अभियुक्तों से किया बरामद

गिरफ्तार अभियुक्तों का नाम नवरत्न सिंह खुराल उर्फ रोबी पुत्र स्व. रघुवीर सिंह खुराल, तनवीर पुत्र गुलतार अली, शाकिब शेख पुत्र शेख अहमद है। इनके कब्जे से एसटीएफ ने एक लैपटाप, आठ मोबाइल फोन, एक पासपोर्ट, पांच आधार कार्ड, चार मोबाइल सिम कार्ड, पांच चैकबुक, 22 डेबिट व क्रेडिट कार्ड,150 रुपया नकद भारतीय करेंसी, 80 रुपया नेपाली करेंसी तथा अन्य दस्तावेज बरामद किया है।

एसटीएफ को काफी दिनों से मिल रही थी सूचना

विगत काफी दिनों से एसटीएफ उत्तर प्रदेश को अपराधियों द्वारा चीनी नागरिकों को धोखाधड़ी करने के उद्देष्य से भारतीय लोगों के बैक खाते उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में सूचना प्राप्त हो रही थी। जिसके सम्बन्ध में राजकुमार मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ, नोएडा एवं श्री नवेन्दु कुमार, पुलिस उपाधीक्षक, एसटीएफ नोएडा के पर्यवेक्षण में टीम गठित कर उप निरीक्षक अवध नारायण चौधरी/उप निरीक्षक दीपक कुमार के नेतृत्व में टीम गठित कर अभिसूचना संकलन की कार्यवाही की जा रही थी।

गौतमबुद्धनगर से तीनों को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार

अभिसूचना संकलन के दौरान एसटीएफ नोएडा की टीम को 22 जनवरी को मुखबिर के माध्यम से ज्ञात हुआ कि अभियुक्तों द्वारा संगठित गिरोह बनाकर विदेशी/चीनी नागरिकों को गेमिंग, ट्रेडिग, लूविंग ऐप द्वारा धोखाधडी एवं अन्य अवैध गतिविधियों हेतु भारतीय नागरिकों के बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह के सदस्य थाना सूरजपुर, गौतमबुद्धनगर क्षेत्र के अन्तर्गत पड़ने वाले घण्टा गोल चक्कर के पास आने वाले हैं। टीम ने पहुंचकर तीनों को गिफ्तार कर लिया। पूछता के लिए पूछताछ हेतु एसटीएफ कार्यालय नोएडा लाया गया।

टेलीग्राम के माध्यम से इनकी चायनीज व्यक्ति से शुरू हुई बात चीत

गिरफ्तार अभियुक्त नवरत्न सिंह खुराल ने पूछताछ पर बताया कि उसकी उम्र लगभग 40 साल है और उसने बीटेक व सिविल इंजीनियरिंग किया हुआ है। बताया कि उसने वर्ष 2016-17 में एक प्राइवेट कम्पनी में जॉब किया था, उसके बाद अपनी कन्सट्रक्शन कम्पनी खोलकर सामुदायिक शौचालय बनाने का काम प्रारम्भ कर दिया था। इसके बाद अभियुक्त नवरत्न सिंह खुराल फेसबुक पर यूएसडीटी सम्बन्धित विज्ञापन देखकर उनमें रूचि लेने लगा और इसी दौरान उसकी मुलाकात टेलीग्राम ऐप के माध्यम से डीके के, मैगी, हू जियांग, केटीएम नामक चायनीज व्यक्ति से होने लगी।

नेपाल में रहकर चाईनीज नागरिक संचालित कर रहे अवैध गतिविधियां

इनके बाद इनमें बातचीत होना प्रारम्भ हो गयी और चायनीज व्यक्तियों ने उसको भारतीय नागरिकों से अवैध रूप से धन प्राप्त करने के सम्बन्ध में बताया। तभी से वह भारतीय नागरिकों के साथ धोखाधड़ी कर रहा है। पूछताछ में उसने बताया कि ये चाईनीज नागरिक नेपाल में रहकर अवैध गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। जानकारी करने पर विदित हुआ है कि अभियुक्त नवरत्न सिंह खुराल का एक दोस्त सिद्वार्थ है, जो लखनऊ में रहता है और सिद्वार्थ के माध्यम से ही अभियुक्त नवरत्न सिंह खुराल सिंह की मुलाकात अभियुक्त तनवीर से हुई थी। इसके अलावा अभियुक्त शाकिब की मुलाकात अभियुक्त नवरत्न सिंह खुराल से चीनी नागरिक द्वारा टेलीग्राम ऐप पर कराई गयी थी।

क्रिप्टों करेंसी व हवाला के जरिये धन का करते हैं अादान व प्रदान

ठगी के इस कार्य के लिए चायनीज व्यक्तियों को भारतीय नागरिकों के बैक खातों की आवश्यकता होती है, जिनमें धोखाधड़ी से प्राप्त किये गये धन को ट्रान्सफर किया जाता है। गिरफ्तार किये गये तीनों व्यक्तियों द्वारा अन्तर्राष्टीय लेनदेन में व अन्य वित्तीय नियमो से बचने के लिए यह लोग क्रिप्टों करेंसी के माध्यम से हवाला के जरिये भारतीय सुरक्षा एजेन्सियों की नजरों से बच कर धन का आदान प्रदान करते हैं। इसी प्रक्रिया में अभियुक्त नवरत्न सिंह खुराल को अभियुक्त तनवीर और शाकिब द्वारा भारतीय नागरिकों के बैक खाते एवं उनकी समस्त जानकारी (जैसे खाते की चैक बुक, पैनकार्ड, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड एवं खाते में दर्ज कराये गये मोबाइल नम्बर आदि) उपलब्ध कराये जाते हैं, जिनको अभियुक्त नवरत्न सिंह खुराल, चीनी नागरिकों को भेज देता है, जो नेपाल और थाईलैण्ड में बैठकर भारतीय नागरिकों से फ्रॉड करके धन की प्राप्ति करते हैं।

चीनी नागरिकों से अभियुक्तगणों को मिल जाता है अच्छा कमीशन

इस कार्य के लिए चीनी नागरिकों से अभियुक्तगणों को अच्छा कमीशन प्राप्त होता है। संयुक्त रूप से पूछताछ में यह तथ्य प्रकाश में आया कि इन अभियुक्तगणों का जम्मू कश्मीर, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, दिल्ली, एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा राज्यों में भी नेटवर्क है, जहां से ये विभिन्न श्रोतों से भारी संख्या में डंप एकाउन्ट प्राप्त करके सीमापार बैठे चीनी नागरिकों को पैसे के बदले में उपलब्ध करा रहे थे।

इस सम्बन्ध में और अधिक छानबीन की जा रही है। अभियुक्त नवरत्न सिंह खुराल ने पूछताछ पर यह भी बताया कि उसने माह सितम्बर वर्श 2024 में गुरूग्राम हरियाणा में एक महिला को डिजीटल अरेस्ट कर पोने 6 करोड़ रुपए की ठगी की थी। इस सम्बन्ध में थाना साईबर क्राइम ईस्ट गुरूग्राम हरियाणा में मुकदमा दर्ज है और इस अभियोग में अभियुक्त नवरत्न सिंह खुराल वांछित चल रहा है।

साइबर ठगी करने वाले गैंग का शातिर बदमाश गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के इटावा जनपद में थाना बसरेहर पुलिस ने साइबर फ्रॉड करने वाले गैंग के शातिर बदमाश को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार बदमाश के पास से फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई एक थार, एक स्कॉर्पियो, एक फर्जी आरसी, दो आधार कार्ड, एक एटीएम कार्ड बरामद किया है।

पुलिस ने बदमाश के पास से फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई एक थार किया बरामद

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने गुरूवार काे बताया कि साइबर फ्रॉड के माध्यम से धोखाधड़ी करने वाले गैंग के एक शातिर बदमाश को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार बदमाश के पास से फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई एक थार, एक स्कॉर्पियो गाड़ी, एक फर्जी आरसी, एक एटीएम कार्ड, दो आधार कार्ड, एक मोबाइल फोन बरामद किया है। उन्होंने बताया कि थाना बसरेहर पुलिस रात्रि गश्त कर रही थी इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि साइबर फ्रॉड कर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का एक शातिर बदमाश कल्ला वाले बाग के पास अपने साथियों के साथ खड़ा है और भागने की फिराक में है।

साइबर ठगी करने का करते है काम

सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर थार गाड़ी में सवार युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस की पूछताछ में युवक ने अपना नाम रॉकी उर्फ राकेश बाबू निवासी किल्ली रोड कस्बा व थाना बसरेहर बताया। पुलिस ने गिरफ्तार बदमाश के पास से फर्जी नंबर प्लेट लगी एक थार गाड़ी, एक स्कॉर्पियो, एक एटीएम कार्ड, दो आधार कार्ड, एक मोबाइल फोन बरामद किया है। एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश साइबर ठगी कर लोगों के साथ धोखाधड़ी करता है।

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