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मलिहाबाद में मां-बेटी के घर में गला रेतकर हत्या

लखनऊ ।राजधानी के मलिहाबाद के ईसापुर गांव में गुरुवार को गीता (24) और उनकी बेटी दीपिका (7) की गला रेत कर हत्या कर दी गई। दोनों के शव उनके मकान में पड़े मिले। घटना से गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम और पुलिस अधिकारी पहुंच गए। फोरेंसिक टीम साक्ष्य जुटा रही है।

महिला का पति मुंबई में करता है काम

डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव का कहना है कि महिला का पति मुंबई में काम करते हैं। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।महिला का बेटा अपने नाना के घर पर था। सुबह जब उसने मां को फोन किया तो कोई जवाब नहीं मिला। इस पर वह नाना और मौसी के साथ अपने घर पहुंचा । दरवाजा अंदर से बंद था।

दोनों सीढ़ी से घर के अंदर गए तो कमरे में खून से लतपथ मां-बहन के शव पड़े थे।डीसीपी ने बताया पश्चिमी ने बताया ईसापुर गांव में रहने वाली गीता 24 और उनकी बेटी दीपिका सात साल की बदमाशों ने हत्या कर दी। गीता का पति प्रकाश कन्नौजिया मुंबई में लांड्री का काम करता है।

हत्यारों को पकड़ने के लिए गठित की गई विशेष टीम

शुरूआती जांच में यह मामला आपसी रंजिश का लग रहा है।घटनास्थल से सबूत जुटाए गए हैं। फोरेसिंक और डॉग स्क्वायड की टीमें मामले की जांच कर रही है। हत्यारों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं।

हमलावर घर के पीछे से दाखिल हुए और वारदात को अंजाम देने के बाद भाग गए। मृतका के पिता सिद्धनाथ की माने तो दामाद प्रकाश 15 दिन पहले ही मुंबई गया है। गीता का मायका दिलावर नगर में है। गीता का बेटा देवांश मेरे घर पर था।

मां- बेटी घर पर अकेली थी

ईसापुर गांव में गीता छोटी दीपिका के साथ घर पर अकेली थी। देवांश मां से बात करने के लिए बार-बार फोन कर रहा था लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। जब फोन नहीं उठा तो चिंता हुई और सीधे नाती के साथ बेटी के घर पहुंचा। दरवाजा बंद होने के कारण सीढ़ी मंगाकर नाना और नाती घर में घुसे तो देखा कि गीता और नातिन दीपिका शव कमरे में पड़ा था। गीता की गर्दन कटी थी, जबकि दीपिका के माथे पर धारदार हथियार से मारा था।

नाना के यहां जाने से बेटा की बच गई जान

मृतक महिला के पास एक बेटा भी है, जो उसके साथ नहीं था। क्योंकि बेटा अपने नाना के घर चला गया था। अगर मां के साथ होता तो बदमाश उसे भी नहीं छोड़ते, क्योंकि बदमाश इतने निर्दयी थे कि सात साल की लड़की को भी बदमाशों ने नहीं छोड़ा। जबकि उसका किसी से कोई विवाद नहीं था। ऐसे में अगर बेटा होता तो उसे नहीं छोड़ते।

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