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बलिया खाद्यान्न घोटाले में पूर्व खंड विकास अधिकारी गिरफ्तार, 27 लाख से अधिक के गबन का आरोप

संजीव सिंह, एसएमयूपीन्यूज, बलिया। उत्तर प्रदेश के चर्चित बलिया खाद्यान्न घोटाले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) वाराणसी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन खंड विकास अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी दयाराम विश्वकर्मा वर्ष 2002 से 2005 के बीच बलिया जिले के बांसडीह विकास खंड में तैनात थे और उनके ऊपर ग्रामीण रोजगार योजना के तहत करोड़ों के निर्माण कार्यों में धांधली करने, फर्जी मस्टर रोल तैयार करने और मजदूरों को खाद्यान्न न बांटने जैसे गंभीर आरोप हैं।

27 लाख रुपये से अधिक की सरकारी धनराशि का गबन किया

प्रकरण में जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर लगभग 27 लाख रुपये से अधिक की सरकारी धनराशि और खाद्यान्न का गबन किया। इस घोटाले के दो मामले बांसडीह और रेवती थानों में दर्ज हैं। इनमें भारतीय दंड संहिता की कई गंभीर धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की भी धाराएं लगाई गई हैं।

जिला विकास अधिकारी, सुल्तानपुर के पद से सेवानिवृत्त हो चुके

दयाराम विश्वकर्मा वर्ष 2022 में जिला विकास अधिकारी, सुल्तानपुर के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं और लंबे समय से फरार चल रहे थे। वे अपना पता बदलकर वाराणसी के सुंदरपुर क्षेत्र में रह रहे थे।पुलिस महानिदेशक, आर्थिक अपराध शाखा के निर्देश पर वाराणसी सेक्टर द्वारा गठित टीम ने 22 जून 2025 को दोपहर 11 बजे उन्हें उनके वर्तमान आवास के पास से गिरफ्तार कर लिया। उन्हें न्यायालय में पेश कर विधिक कार्यवाही की जा रही है।

गिरफ्तार करने वाली टीम में शामिल थे

निरीक्षक सुनील कुमार वर्मा, मुख्य आरक्षी हेमन्त कुमार सिंह, विनीत कुमार पाण्डेय, राजकिशोर, सुनील कुमार मिश्रा, राजसिंह यादव व सरफराज अंसारी।

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