लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनऊ, गोंडा और आजमगढ़ इकाइयों के जरिए तीन अलग-अलग जिलों में ट्रैप ऑपरेशन चलाकर रिश्वत लेने वाले तीन सरकारी कर्मचारियों और एक निजी व्यक्ति को रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
जाल बिछाकर आरोपियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति और डीजीपी Rajeev Krishna के सख्त निर्देशों के तहत की गई। एंटी करप्शन विभाग की टीमों ने शिकायतों की जांच के बाद योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर आरोपियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
दाखिल-खारिज के नाम पर 18 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार
भ्रष्टाचार निवारण संगठन की लखनऊ इकाई को सीतापुर निवासी विमल प्रताप सिंह ने शिकायत दी थी कि मिश्रिख तहसील में प्लॉट के दाखिल-खारिज के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत की जांच के बाद निरीक्षक एकता त्यागी के नेतृत्व में टीम ने तहसील परिसर में ट्रैप लगाया।कार्रवाई के दौरान नाजिर नायब अनीश अहमद और उसके साथ मौजूद निजी व्यक्ति रोहित सिंह को 18 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
आधार और सीएससी सेंटर चलाने के बदले मांगे जा रहे थे पैसे
दूसरी कार्रवाई गोंडा इकाई ने बहराइच में की। शिकायतकर्ता राजेंद्र कुमार ने आरोप लगाया था कि सीएससी और आधार सेवा केंद्र संचालित करने के लिए अवैध धनराशि मांगी जा रही है।इस शिकायत पर निरीक्षक धनंजय कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने नगर पालिका परिषद बहराइच गेट के पास जाल बिछाया और सीएससी व आधार सेवा केंद्र के जिला मैनेजर आशुतोष पांडेय को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
जमीन पैमाइश के नाम पर लेखपाल गिरफ्तार
तीसरी कार्रवाई आजमगढ़ इकाई ने मऊ जिले में की। शिकायतकर्ता महेंद्र कुमार ने आरोप लगाया था कि जमीन की पैमाइश कराने के लिए राजस्व लेखपाल रिश्वत मांग रहा है।जांच के बाद निरीक्षक हरिवंश कुमार शुक्ला की टीम ने ग्राम कटघरा महल गेट के पास ट्रैप लगाकर लेखपाल अनिल कुमार को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। आरोपी हल्का धरमपुर कसाया क्षेत्र में तैनात था।
एंटी करप्शन विभाग की सख्त चेतावनी
भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने साफ कहा है कि सरकारी कार्यों के बदले रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी काम के बदले अवैध धन की मांग करता है तो उसकी शिकायत तत्काल एंटी करप्शन विभाग से करें।तीनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।