लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोकभवन में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है।
अब शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति माह
अब शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है, जबकि अनुदेशकों को अब 17,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल से लागू होगी, जिससे लाखों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लगभग 1.42 लाख शिक्षामित्र और करीब 24 हजार अनुदेशक लाभान्वित होंगे। वहीं करीब 30 हजार शिक्षामित्रों के अतिरिक्त वित्तीय भार को राज्य सरकार स्वयं वहन करेगी।
छात्रों के लिए बड़ा तोहफा
कैबिनेट ने प्रदेश के विद्यार्थियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए 25 लाख स्मार्ट टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। ये टैबलेट मुख्य रूप से अंतिम वर्ष के छात्रों को नि:शुल्क वितरित किए जाएंगे। इससे पहले भी सरकार करीब 60 लाख स्मार्टफोन और टैबलेट वितरित कर चुकी है।
निवेश और विकास को बढ़ावा
औद्योगिक विकास से जुड़े 8 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, जिनमें—
बुंदेलखंड में 100 एकड़ में सोलर प्लांट
प्रयागराज में 231 करोड़ रुपये का वाटर प्लांट
सोलर सेल निर्माण इकाई की स्थापना
जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं।
परिवहन व्यवस्था होगी आधुनिक
परिवहन विभाग के तहत PPP मॉडल पर 49 नए बस अड्डों को मंजूरी दी गई है। इन बस अड्डों को एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यह योजना प्रदेश के 52 जिलों को कवर करेगी।
🇮🇳 विस्थापित परिवारों को नागरिकता का रास्ता
कैबिनेट ने विभाजन के समय पाकिस्तान से आए विस्थापित परिवारों को भारतीय नागरिकता के लिए पात्रता देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
इस फैसले से—
लखीमपुर खीरी: 2350 परिवार
पीलीभीत: 4000 परिवार
बिजनौर: 3856 परिवार
रामपुर: 2174 परिवार को लाभ मिलेगा।
