वाराणसी। योगी आदित्यनाथ और डॉ मोहन यादव की खास केमिस्ट्री शुक्रवार को काशी में देखने को मिली। ‘महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य’ के भव्य शुभारंभ अवसर पर दोनों नेता एक साथ मंच साझा करते नजर आए, जहां उनकी आत्मीयता और तालमेल चर्चा का विषय बन गया।
दोनों नेताओं की बॉन्डिंग सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल
बनारस रेल इंजन कारखाना (बीएलडब्ल्यू) परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में दोनों मुख्यमंत्रियों की सक्रिय भागीदारी, सहज बातचीत और आपसी समन्वय ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम स्थल से लेकर सर्किट हाउस तक दोनों नेताओं की बॉन्डिंग सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रही है, जिसके सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं।
विभिन्न सम्मान योजनाओं की भी घोषणा की गई
इस मौके पर डॉ मोहन यादव ने कहा कि ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य युवा पीढ़ी को भारत के गौरवशाली इतिहास, न्यायप्रियता और शौर्य से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने इसे लोकरंजन के साथ-साथ सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने वाला अभियान बताया। साथ ही मध्य प्रदेश सरकार की ओर से विभिन्न सम्मान योजनाओं की भी घोषणा की गई।
मंच पर दिखी परंपरा के साथ नेतृत्व की मजबूत साझेदारी
वहीं योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी की पावन धरती पर आयोजित यह महानाट्य भारत के स्वाभिमान, नवजागरण और विकास यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने इसे नई पीढ़ी को अपने मूल्यों और आदर्शों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।इस भव्य आयोजन ने न सिर्फ सांस्कृतिक रंग जमाया, बल्कि दो राज्यों के नेतृत्व के बीच बेहतर तालमेल और समन्वय की भी झलक पेश की।काशी में संस्कृति और राजनीति का संगम—जहां मंच पर दिखी परंपरा के साथ नेतृत्व की मजबूत साझेदारी।
