एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि भारत की पहचान उसकी सनातन संस्कृति, ऐतिहासिक चेतना और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ी हुई है, जिन्हें प्रमाणों के साथ दुनिया के सामने रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इतिहास को लेकर वर्षों से चल रहे पश्चिमी दुष्प्रचार का तथ्यात्मक उत्तर ऐसे शोधपरक प्रयासों से ही दिया जा सकता है।
प्राचीन ऐतिहासिक सिक्कों का अवलोकन भी किया
मुख्यमंत्री गुरुवार को अपने आवास पर हिंदुजा फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘प्रारंभिक उत्तर भारत व इसके सिक्के’ के विमोचन अवसर पर बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने फाउंडेशन के संग्रह में मौजूद दुर्लभ एवं प्राचीन ऐतिहासिक सिक्कों का अवलोकन भी किया।
लोकतंत्र की जड़ें भारत में सबसे गहरी
सीएम योगी ने कहा कि यदि विश्व को लोकतंत्र की वास्तविक भावना, सहिष्णुता और समावेशी दृष्टिकोण को समझना है तो उसे भारत के इतिहास से सीख लेनी चाहिए। भारत ने न केवल विभिन्न जातियों, मतों और संप्रदायों को स्वीकार किया, बल्कि उन्हें संरक्षण और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी दिया।उन्होंने भारतीय दर्शन के श्लोक “वसुधैव कुटुम्बकम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरी दुनिया को एक परिवार मानने की अवधारणा केवल भारत की सनातन परंपरा में ही देखने को मिलती है।
सिक्कों से इतिहास, भूगोल और व्यापार की पुष्टि
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पुस्तक में अयोध्या, मथुरा, काशी, कौशाम्बी और पांचाल जैसे ऐतिहासिक क्षेत्रों से प्राप्त तांबे, चांदी और मिश्रित धातुओं के सिक्के तत्कालीन सामाजिक, भौगोलिक और व्यापारिक परिस्थितियों को प्रमाणित करते हैं।
विरासत पर गर्व ही विजन-2047 का आधार
सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन-2047 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके पहले प्रण में ही भारत की विरासत पर गर्व करने की भावना निहित है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम का पुनरोद्धार और सनातन धरोहरों का संरक्षण इसी सोच का साकार रूप है।
शोध से जुड़ी नई ऐतिहासिक पुष्टि
पुस्तक के लेखक प्रो. देवेंद्र हांडा ने बताया कि ब्रिटिश म्यूजियम में संरक्षित एक प्राचीन सिक्के पर ‘सावित्री पुत्र जनपदस’ अंकित है, जो यह प्रमाणित करता है कि सावित्री-सत्यवान की कथा केवल पौराणिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक आधार भी रखती है।
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