एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । उत्तर प्रदेश पुलिस की बहुप्रतीक्षित भर्ती एक बार फिर विवादों में घिर गई है। 32,679 सिपाही और समकक्ष पदों पर होने वाली सीधी भर्ती में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट मिलेगी या नहीं, इसे लेकर प्रदेशभर में बेचैनी बढ़ती जा रही है। लाखों युवाओं की उम्मीदें फिलहाल सरकार के फैसले पर टिकी हुई हैं, लेकिन संकेत राहत के नहीं बल्कि निराशा के नजर आ रहे हैं।
सामान्य वर्ग को पहले ही तीन साल की विशेष आयु छूट दी जा चुकी
सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2023 में 60,244 सिपाहियों की भर्ती में सामान्य वर्ग को पहले ही तीन साल की विशेष आयु छूट दी जा चुकी है। यही वजह है कि इस बार दोबारा छूट देने को लेकर शासन स्तर पर सहमति बनती नहीं दिख रही। अफसरों का कहना है कि बिना ठोस कारण के नियमों में ढील देना मुश्किल होगा।
अब वे सरकार से आखिरी उम्मीद लगाए बैठे
इस बार की भर्ती को लेकर नाराज़गी इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि पीएसी, सशस्त्र पुलिस, घुड़सवार पुलिस, विशेष सुरक्षा बल और जेल वार्डर जैसे संवर्गों में करीब छह वर्षों से कोई भर्ती नहीं हुई। इतने लंबे इंतजार के चलते बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उम्र की सीमा पार कर चुके हैं और अब वे सरकार से आखिरी उम्मीद लगाए बैठे हैं।
कई विधायक मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुके
मामला अब सियासी रंग भी ले चुका है। कई विधायक मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुके हैं, वहीं आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर ने भी सीधे मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। इसके बावजूद सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस ऐलान नहीं हुआ है, जिससे अभ्यर्थियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
आयु सीमा में किसी भी तरह की छूट देने का अधिकार बोर्ड के पास नहीं
सूत्र बताते हैं कि पुलिस भर्ती बोर्ड के हाथ भी बंधे हुए हैं। आयु सीमा में किसी भी तरह की छूट देने का अधिकार बोर्ड के पास नहीं है। वर्ष 2015 में लागू सेवा नियमावली के तहत भर्ती प्रक्रिया संचालित होती है और उसमें बदलाव केवल शासनादेश के जरिए ही संभव है।
क्या सरकार लाखों युवाओं की उम्मीदों को राहत देगी
वहीं दूसरी ओर, ओबीसी और एससी-एसटी वर्ग को पिछले करीब 48 वर्षों से आयु सीमा में पांच साल की छूट मिलती आ रही है। इसी आधार पर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी समान अवसर की मांग कर रहे हैं और चेतावनी दे रहे हैं कि यदि सरकार ने जल्द फैसला नहीं लिया तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।अब बड़ा सवाल यही है क्या सरकार लाखों युवाओं की उम्मीदों को राहत देगी या फिर पुलिस भर्ती एक बार फिर विवाद और विरोध की भेंट चढ़ेगी?इसका जवाब आने वाले दिनों में तय होगा।
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