एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ ।डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर ठगी के मामलों में हो रही लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट और पीरामल फाइनेंस लिमिटेड की ओर से एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान “Sabki Neeyat Saaf Nahi Hoti” का शुभारंभ किया गया है। यह अभियान साइबर वित्तीय धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, फिशिंग लिंक और सोशल मीडिया हैकिंग जैसी घटनाओं से आमजन को सतर्क और सुरक्षित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।

15 दिवसीय साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान का शुभारंभ

इस 15 दिवसीय साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान का शुभारंभ मंगलवार, 13 जनवरी 2026 को लखनऊ में किया गया। अभियान की शुरुआत अपर पुलिस उपायुक्त (साइबर क्राइम) सुश्री किरण यादव ने हरी झंडी दिखाकर की। इस मौके पर उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे डिजिटल लेन-देन के दौरान पूरी सतर्कता बरतें, किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें और साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें।

डिजिटल खतरों के बीच जागरूकता की जरूरत

डिजिटल इंडिया की दिशा में बढ़ते कदमों के साथ ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई भुगतान, ई-कॉमर्स और सोशल मीडिया का दायरा तेजी से बढ़ा है। इसी के साथ साइबर अपराधियों ने भी नए-नए तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं। ऐसे में इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के तरीकों से अवगत कराना, समय रहते सतर्क करना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए उन्हें सशक्त बनाना है।अभियान के तहत आमजन को यह सिखाया जाएगा कि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी को कैसे पहचानें, ठगी के शुरुआती संकेत क्या होते हैं, किस स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देनी चाहिए और आर्थिक नुकसान से खुद व अपने परिवार को कैसे बचाया जा सकता है।

15 दिनों तक शहर भर में चलेगा अभियान

यह जागरूकता अभियान 13 जनवरी 2026 से अगले 15 दिनों तक लखनऊ शहर के प्रमुख बाजारों, चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में चलाया जाएगा। लगभग 40 से 45 चिन्हित स्थानों पर अभियान की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।अभियान के दौरान नुक्कड़ नाटक, सोशल मीडिया कैंपेन, जागरूकता वीडियो, जिंगल, बैनर, पोस्टर और अन्य रचनात्मक माध्यमों से साइबर सुरक्षा का संदेश आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

नुक्कड़ नाटक से होगा सीधा संवाद

इस अभियान का प्रमुख आकर्षण नुक्कड़ नाटक होंगे, जिनके जरिए स्थानीय भाषा में आम लोगों को साइबर ठगी की सच्ची घटनाओं से रूबरू कराया जाएगा। नाटकों में बैंक अधिकारी बनकर फर्जी कॉल, OTP और KYC अपडेट के नाम पर ठगी, फिशिंग लिंक, फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग जैसे मामलों को दिखाया जाएगा। इसके साथ ही मौके पर मौजूद लोगों से सीधा संवाद और प्रश्नोत्तर भी किया जाएगा।

वरिष्ठ अधिकारियों ने कही ये बातें

इस अवसर पर पुलिस आयुक्त लखनऊ अमरेंद्र कुमार सेंगर ने कहा कि तकनीक ने नागरिकों के जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसके दुरुपयोग से गंभीर खतरे भी पैदा हुए हैं। साइबर अपराधों को रोकने और डिजिटल सिस्टम में भरोसा कायम रखने के लिए जन-जागरूकता बेहद जरूरी है।संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) सुश्री अपर्णा कुमार ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ती निर्भरता के कारण साइबर सुरक्षा अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता बन चुकी है।

जागरूकता की कमी से लोग ठगी के हो रहे शिकार : कमलेश दीक्षित

पुलिस उपायुक्त (अपराध) कमलेश दीक्षित ने कहा कि अक्सर जागरूकता की कमी और देर से की गई शिकायत के कारण लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं। यह अभियान नागरिकों को समय रहते संकेत पहचानने और तुरंत रिपोर्ट करने के लिए प्रेरित करेगा।अपर पुलिस उपायुक्त (साइबर क्राइम) किरण यादव ने कहा कि साइबर ठगी अक्सर लोगों के भरोसे और सीमित जानकारी का फायदा उठाकर की जाती है। इस अभियान का लक्ष्य साइबर साक्षरता को मजबूत करना है।

पीरामल फाइनेंस का सहयोग

पीरामल फाइनेंस लिमिटेड के मुख्य विपणन अधिकारी अरविंद अय्यर ने कहा कि एक जिम्मेदार वित्तीय संस्था के रूप में वे मानते हैं कि साइबर सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है। “Sabki Neeyat Saaf Nahi Hoti” के संदेश के साथ लखनऊ पुलिस के साथ यह साझेदारी नागरिकों को साइबर ठगी से सुरक्षित रखने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

पहले भी मिल चुकी है सफलता

उल्लेखनीय है कि यह साइबर जागरूकता अभियान पहले अहमदाबाद, हैदराबाद और उत्तर प्रदेश के कानपुर, रायबरेली, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव और खीरी जिलों में सफलतापूर्वक चलाया जा चुका है।लखनऊ पुलिस और पीरामल फाइनेंस की यह संयुक्त पहल नागरिकों को सजग, सुरक्षित और डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी प्रयास है। उम्मीद है कि इस अभियान के माध्यम से साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी और लोग डिजिटल दुनिया में अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे।

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