एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । राजधानी लखनऊ से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने चिकित्सा जगत को शर्मसार कर दिया है। केजीएमयू का रेजिडेंट डॉक्टर रमीज उर्फ रमीजुद्दीन—जिस पर शादी का झांसा देकर जूनियर महिला डॉक्टर से बार-बार दुष्कर्म, बिना सहमति गर्भपात और जबरन धर्म परिवर्तन कराने जैसे संगीन आरोप हैं—आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। 50 हजार रुपये का इनामी यह आरोपी अदालत में सरेंडर की फिराक में था, तभी सर्विलांस सेल पश्चिमी जोन और थाना चौक की संयुक्त टीम ने उसे सिटी स्टेशन गेट के पास धर दबोचा।

चार टीमें लगने के बाद मिली सफलता

पुलिस आयुक्त के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान में डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव, एडीसीपी धनंजय सिंह कुशवाहा और एसीपी चौक राजकुमार सिंह के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर नागेश उपाध्याय की टीम ने यह बड़ी कामयाबी हासिल की। शातिर आरोपी महीनों से पुलिस को चकमा दे रहा था, जिसके चलते उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

पीड़िता का आरोप: ‘शादी का झांसा, शोषण, गर्भपात और धर्म परिवर्तन’

23 दिसंबर 2025 को केजीएमयू की एमडी पैथोलॉजी की छात्रा ने थाना चौक में तहरीर देकर बताया कि उसके सीनियर डॉक्टर रमीज ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए, उसकी मर्जी के बिना गर्भपात कराया और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया। मुकदमे में बीएनएस की गंभीर धाराएं और उ.प्र. विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम-2021 की धाराएं लगाई गईं।

दूसरी महिला डॉक्टर भी शिकार, परिवार की भूमिका उजागर

जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने एक अन्य मेडिकल छात्रा के साथ भी दुष्कर्म कर गर्भपात कराया और धर्म परिवर्तन कर शादी की। इतना ही नहीं, पीड़िता पर दबाव बनाकर आरोपी के पुत्र से निकाह कराने की कोशिश भी हुई। इस साजिश में आरोपी के पिता सलीमुद्दीन, मां खतीजा, निकाह कराने वाले काजी सैयद जाहिद हसन और गवाह शारिक खान की संलिप्तता पाई गई। माता-पिता पहले ही गिरफ्तार होकर जेल भेजे जा चुके हैं।

कौन है आरोपी डॉक्टर?

नाम: रमीज उर्फ रमीजुद्दीन नायक
उम्र: 31 वर्ष
पेशा: चिकित्सक (केजीएमयू रेजिडेंट)
पता: ठाकुरगंज, लखनऊ (वर्तमान), खटीमा (उत्तराखंड) व पीलीभीत (मूल)

आपराधिक इतिहास
थाना चौक में दर्ज मु0अ0सं0 302/2025 सहित दुष्कर्म, धोखा, धमकी, जबरन धर्म परिवर्तन और साजिश की धाराएं।

पुलिस का बयान

डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है और फरार सह-आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश जारी है। बता दें कि यह मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि चिकित्सा पेशे की साख पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस का कहना है—कानून के शिकंजे से कोई नहीं बचेगा।

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