एसएमयूपीन्यूज, कानपुर । उत्तर प्रदेश के कानपुर से दिल दहला देने वाली घटना सामने आयाी है। यहां के घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के सरदेपुर में एक परिवार की खुशियों का उजाला अचानक अंधेरे में बदल गया। रविवार की रात, जब लोग अपने परिवार के साथ आराम कर रहे थे, नशे में धुत सुरेंद्र यादव अपने घर लौटे और एक मामूली झगड़े के बाद पाँच महीने की गर्भवती पत्नी रूबी देवी और ढाई साल के मासूम बेटे लावांश की निर्मम हत्या कर दी।पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, महिला के शव पर 19 और बच्चे के शव पर 14 वार किए गए थे। सिर और गर्दन में चार अंगुल तक गहरे घाव थे। सिर की हड्डियां टूट गईं, शरीर में अधिक रक्तस्राव हुआ और कोमा में जाने के कारण उनकी मौत हुई।

रूबी की शादी पहले भी दुखों भरे सफर से गुजर चुकी थी

रूबी की शादी पहले भी दुखों भरे सफर से गुजर चुकी थी। उनका पहला पति भी शराब का आदी था और घरेलू हिंसा करता था। चार साल बाद रूबी ने मायके लौटकर नई जिंदगी की उम्मीद में सुरेंद्र यादव से शादी की, लेकिन दूसरी शादी भी उसकी खुशियों को ले उड़ा।

सुरेंद्र ट्रक में खलासी का काम करता था

सुरेंद्र ट्रक में खलासी का काम करता था और शराब का इतना आदी था कि अपने परिवार की सुरक्षा और सुख के लिए कोई ध्यान नहीं रखता था।घटना वाली रात, सुरेंद्र नशे में घर लौटा। किसी मामूली बात पर बहस शुरू हुई। लावांश के लिए बिस्किट लेने भेजे गए पैसे लौटते ही परिवार के लिए वह क्षण मौत बन गया। भाई दिलीप ने पुलिस को बताया कि जब उन्होंने घटना की पुष्टि करने के लिए फोन किया, तो नशे में सुरेंद्र ने कहा, “तुम्हारी बहन ने मुझे मार दिया है…” और फिर फोन काट दिया।

आरोपी को रेलवे ट्रैक के पास से गिरफ्तार

रूबी की माँ दुर्गा देवी और भाई दिलीप इस दर्दनाक घटना के बाद सदमे में हैं। पूरे परिवार की दुनिया ही सन्नाटे में बदल गई। पुलिस ने आरोपी को रेलवे ट्रैक के पास से गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर जेल भेज दिया।यह जघन्य हत्या सिर्फ एक परिवार की खुशियों को नहीं छीनती, बल्कि यह घरेलू हिंसा और शराब के खतरनाक प्रभावों का भी कड़वा सच उजागर करती है। मासूम लावांश और रूबी के जाने की पीड़ा उन हजारों परिवारों की कहानी बयां करती है, जिनकी खुशियों पर नशा और हिंसा का साया पड़ा हुआ है।

मासूम की मासूमियत और मां की ममता दोनों का अंत

एक झगड़े ने दो जीवन और एक अनजाने बच्चे की दुनिया उजाड़ दी। इस कहानी में मासूम की मासूमियत और मां की ममता दोनों का अंत हो गया। यह हम सभी के लिए चेतावनी है कि घरेलू हिंसा और शराब के नशे का परिणाम कितनी गहरी त्रासदी बन सकता है।

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