ढाका/नई दिल्ली।बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। उस्मान हादी की हत्या के बाद शुरू हुआ हिंसा का सिलसिला लगातार तेज होता जा रहा है। बीते 18 दिनों में अब तक छह हिंदुओं की नृशंस हत्या हो चुकी है, जिनमें से दो हत्याएं सिर्फ पिछले 24 घंटे के भीतर अंजाम दी गईं। हालात ऐसे हैं कि आम हिंदू नागरिक से लेकर पत्रकार तक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, लेकिन मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार पर इन घटनाओं का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा।
सोमवार को शरत की सरेआम कर दी गई हत्या
सोमवार को बांग्लादेश के नरसिंगदी जिले में 40 वर्षीय किराना दुकानदार शरत चक्रवर्ती मणि की सरेआम हत्या कर दी गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शरत चारसिंदूर बाजार में अपनी दुकान पर मौजूद थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल शरत को स्थानीय लोग अस्पताल ले जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। शरत कुछ वर्ष पहले दक्षिण कोरिया में काम करते थे और हाल ही में बांग्लादेश लौटकर अपना व्यवसाय शुरू किया था।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए
इस हत्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बांग्लादेश के सामाजिक कार्यकर्ता बप्पादित्य बसु ने कहा कि शरत की हत्या अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे सुनियोजित साजिश थी। उनका आरोप है कि घटना से दो दिन पहले चरमपंथियों ने शरत से मोटी रकम की मांग की थी, जिसे उन्होंने ‘जजिया’ बताया। आरोप है कि पैसे न देने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी, यहां तक कि पुलिस में शिकायत करने पर पत्नी के अपहरण की चेतावनी भी दी गई थी।
हिंदू पत्रकार राणा प्रताप की बेहद क्रूर तरीके से हत्या कर दी
इसी दिन बांग्लादेश के जशोर जिले के मनीरामपुर क्षेत्र में एक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। 45 वर्षीय हिंदू पत्रकार राणा प्रताप बैरागी की बेहद क्रूर तरीके से हत्या कर दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने पहले राणा प्रताप को सिर में कई गोलियां मारीं और फिर धारदार हथियार से उनका गला रेत दिया। राणा प्रताप एक फैक्ट्री के मालिक होने के साथ-साथ एक स्थानीय अखबार के संपादक भी थे।
राणा प्रताप के सिर में तीन गोलियां मारी गई थीं
मनीरामपुर थाना प्रभारी मोहम्मद रजीउल्लाह खान ने बताया कि यह हमला सोमवार शाम करीब छह बजे हुआ। राणा प्रताप के सिर में तीन गोलियां मारी गई थीं और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हमलावरों की तलाश जारी है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।इन लगातार हो रही हत्याओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन रामचंद्र राव ने इन घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि बीते 18 दिनों में एक पत्रकार और एक दुकानदार समेत छह हिंदुओं की हत्या होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया जा रहा है और भारत का पूरा हिंदू समाज उनके साथ खड़ा है।
पड़ोसी देश में हिंदुओं की दुर्दशा पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं
एन रामचंद्र राव ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक की पार्टियां इस गंभीर मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि ये दल अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बयान देते हैं, लेकिन पड़ोसी देश में हिंदुओं की दुर्दशा पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि बांग्लादेश सरकार पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक दबाव बनाया जाना जरूरी है और भारत सरकार इस दिशा में प्रयास कर रही है।लगातार हो रही इन हत्याओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के भीतर भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या मोहम्मद यूनुस की सरकार इन घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करेगी या फिर यह हिंसा यूं ही बढ़ती रहेगी।
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