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निजीकरण के विरोध में उबाल: पनकी व जवाहरपुर ताप विद्युत गृहों को लेकर बिजली कर्मियों का बड़ा ऐलान

लखनऊउत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के कर्मचारियों में उस समय भारी आक्रोश फैल गया, जब पनकी और जवाहरपुर ताप विद्युत गृहों के परिचालन एवं अनुरक्षण (O&M) कार्य को निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी की खबर सामने आई। इस प्रस्ताव के खिलाफ विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने कड़ा विरोध जताते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दे दी है।

यूनिफाइड टेंडर के जरिए निजी हाथों में सौंपा गया

संघर्ष समिति की कोर कमेटी की 26 अप्रैल 2026 को हुई बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस कदम का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। समिति का कहना है कि यदि पनकी (660 मेगावाट) और जवाहरपुर (2×660 मेगावाट) ताप विद्युत परियोजनाओं के O&M कार्य को यूनिफाइड टेंडर के जरिए निजी हाथों में सौंपा गया, तो कर्मचारी तत्काल कार्यस्थल से बाहर आकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर देंगे।समिति ने इन दोनों परियोजनाओं को प्रदेश की महत्वपूर्ण ऊर्जा संपत्ति बताते हुए कहा कि ये अत्याधुनिक सुपर क्रिटिकल तकनीक पर आधारित हैं और इनके निर्माण में जनता के हजारों करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

पनकी ताप विद्युत गृह पर लगभग 8,000 करोड़ की लागत आई

जानकारी के अनुसार, जवाहरपुर परियोजना पर करीब 14,000 करोड़ रुपये और पनकी ताप विद्युत गृह पर लगभग 8,000 करोड़ रुपये की लागत आई है।संघर्ष समिति का आरोप है कि निजीकरण से सार्वजनिक क्षेत्र कमजोर होगा और निजी कंपनियों को अनुचित लाभ मिलेगा। साथ ही बिजली उत्पादन लागत बढ़ने का खतरा है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा।कर्मचारियों ने प्रबंधन से मांग की है कि आउटसोर्सिंग की प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए और प्रस्तावित निर्णय को निरस्त किया जाए।

13 मई को काली पट्टी बांधकर करेंगे विरोध

चेतावनी दी गई है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेशभर के बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी, जूनियर इंजीनियर और अभियंता व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रबंधन और सरकार की होगी।संघर्ष समिति ने आंदोलन की रूपरेखा भी तय कर दी है। इसके तहत 13 मई 2026 को प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों के कर्मचारी पूरे दिन काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराएंगे। इसके बाद भी यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो प्रदेशव्यापी बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।संघर्ष समिति ने साफ किया है कि वह बिजली व्यवस्था, कर्मचारियों के हितों और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।

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