एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने अलीगढ़ से फर्जी वेबसाइटों के जरिये जाति, आय, निवास, जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार कर अधिकृत ऑपरेटरों के माध्यम से फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त साजिद हुसैन और नईमुद्दीन के कब्जे से 88 फर्जी आधार कार्ड, 4 लैपटॉप, 1 डेस्कटॉप, 5 फर्जी मोहरें, 3 प्रिंटर, 2 मोबाइल फोन, फिंगर और आईरिस स्कैनर सहित भारी मात्रा में उपकरण बरामद हुए हैं।
आरोपी साजिद टेक स्मार्ट कंपनी में था अॉपरेटर
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि अलीगढ़ में कुछ जनसुविधा केंद्रों से अवैध रूप से आधार कार्ड और अन्य प्रमाणपत्र बनाए जा रहे हैं। एसटीएफ टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापा मारकर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में साजिद ने स्वीकार किया कि वह पहले टेक स्मार्ट कंपनी में ऑपरेटर था, लेकिन बाद में फर्जी वेबसाइटों और अधिकृत ऑपरेटरों के सॉफ्टवेयर का रिमोट एक्सेस लेकर जाली प्रमाणपत्र व आधार कार्ड बनाने लगा।
प्रमाणपत्रों पर फर्जी सरकारी मोहरों का करते थे उपयोग
यह गिरोह देशभर के विभिन्न राज्यों—गुजरात, पश्चिम बंगाल और दिल्ली—में सक्रिय नेटवर्क के माध्यम से फर्जी आधार कार्ड तैयार कर रहा था। आरोपी फर्जी वेबसाइटों पर जनसुविधा केंद्रों के नाम से आवेदन अपलोड कर ग्राहकों से 500 से 1000 रुपये तक वसूलते थे। बरामद उपकरणों से यह भी स्पष्ट हुआ कि गिरोह प्रमाणपत्रों के लिए फर्जी सरकारी मोहरों का भी उपयोग करता था।दोनों आरोपितों के खिलाफ थाना क्वार्सी, अलीगढ़ में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66C, 66D, 73, 74 के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
यह भी पढ़े : यूपी में सड़क सुरक्षा पर सख्त रुख, डीजीपी राजीव कृष्ण ने दी बड़ी कार्ययोजना
यह भी पढ़े : डीएसपी दीप्ति शर्मा: भाई के समर्पण और मेहनत से बनी भारत की क्रिकेट स्टार
यह भी पढ़े : लखनऊ में कक्षा 7 के छात्र ने फांसी लगाकर दी जान, जानिये पूरा मामला
यह भी पढ़े : हत्या के पुराने केस की गुत्थी में उलझी पूजा की मौत, झाड़ियों में मिला अर्धनग्न शव
