एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पुलिस ने सोमवार रात एक बड़ी सफलता हासिल की। एसटीएफ मेरठ फील्ड यूनिट और मुरादाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में थाना भोजपुर क्षेत्र में हुए एनकाउंटर में दो कुख्यात अपराधी आसिफ उर्फ टिड्डा और दीनू उर्फ इलियास मारे गए।
दोनों अपराधियों पर कुल 1.5 लाख का इनाम घोषित था
दोनों अपराधियों पर कुल 1.5 लाख का इनाम घोषित था। मुठभेड़ के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुरादाबाद सतपाल अंतिल की जैकेट में गोली लगी, हालांकि वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। पुलिस ने मौके से स्विफ्ट कार, एक कार्बाइन, तीन पिस्टल, भारी मात्रा में जिंदा और खोखा कारतूस बरामद किए हैं।
मुखबिर की सूचना पर रोकी गई कार, शुरू हुई मुठभेड़
बीती रात एसटीएफ मेरठ और मुरादाबाद पुलिस को सूचना मिली कि कुख्यात अपराधी आसिफ उर्फ टिड्डा अपने साथी दीनू के साथ किसी वारदात की योजना बनाने भोजपुर क्षेत्र से गुजरने वाला है।पुलिस टीम ने भोजपुर थाना क्षेत्र में एक स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने कार से उतरकर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस व एसटीएफ ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें दोनों अपराधी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
अपराध जगत का कुख्यात नाम था आसिफ उर्फ टिड्डा
आसिफ उर्फ टिड्डा पुत्र शमशाद, निवासी रसीद नगर थाना ब्रहमपुरी, मेरठ, मूल रूप से ग्राम कलछीना थाना भोजपुर, जनपद गाजियाबाद का रहने वाला था।वह अपने परिवार में सबसे बड़ा था और बचपन से ही आपराधिक प्रवृत्ति का रहा। आठवीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद उसने स्थानीय बदमाशों का गिरोह बनाकर लूट, डकैती, हत्या और रंगदारी की वारदातें शुरू कर दीं।
आसिफ पर अब तक 65 मुकदमे दर्ज
वर्ष 2005 में चोरी के पहले मुकदमे के साथ उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद उसने मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, बुलंदशहर, हापुड़, सहारनपुर, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा में लूट, हत्या और डकैती की दर्जनों घटनाएं कीं।लगातार बढ़ते आपराधिक इतिहास को देखते हुए 12 अगस्त 2013 को थाना ब्रहमपुरी मेरठ में हिस्ट्रीशीट संख्या 74-A खोली गई।आसिफ पर अब तक 65 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें हत्या, अपहरण, डकैती, अवैध कब्जा, गैंगस्टर एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के मामले शामिल हैं।
कुख्यात अपराधी आसिफ के कुछ चर्चित अपराध
13 मार्च 2020 – मुजफ्फरनगर के ग्राम हुसैनाबाद बनवाड़ा में अब्दुल बहाव की हत्या और लूट की वारदात।
9 जनवरी 2022 – अलीगढ़ में सरिता गुप्ता के घर पर हथियारों के बल पर 10 लाख की डकैती।
वर्ष 2013 – पानीपत (हरियाणा) में 40 लाख की डकैती, जिसमें अदालत ने उसे 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दी थी।
वर्ष 2014 – हापुड़ के पिलखुआ क्षेत्र में कारोबारी राहुल गोयल के घर 10 लाख रुपये व जेवरात की लूट।
2025 में मुरादाबाद में प्रॉपर्टी डीलर हाजी जफर से रंगदारी मांगने और फायरिंग करने का मामला।
लगातार फरार रहने के कारण एडीजी बरेली जोन ने उस पर 1 लाख का इनाम घोषित किया था।
दोनों ने मिलकर कई सनसनीखेज वारदातों को दिया था अंजाम
दूसरा अपराधी दीनू पुत्र चन्नू उर्फ इलियास, निवासी ग्राम खिवाई थाना सरुरपुर, मेरठ, भी अपराध की दुनिया में कुख्यात नाम था।उस पर 25 मुकदमे दर्ज थे जिनमें हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, एनडीपीएस एक्ट और गैंगस्टर एक्ट शामिल हैं। दीनू पर भी मुरादाबाद पुलिस द्वारा 50 हजार का इनाम घोषित किया गया था। वह भी आसिफ का घनिष्ठ सहयोगी और गैंग का सक्रिय सदस्य था। दोनों ने मिलकर पश्चिमी यूपी, दिल्ली और उत्तराखंड में कई सनसनीखेज वारदातों को अंजाम दिया था।
दोनों अपराधी लंबे समय से पुलिस के रडार पर थे
एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि दोनों अपराधी लंबे समय से पुलिस के रडार पर थे। मुरादाबाद पुलिस और एसटीएफ ने मिलकर इन्हें ट्रैक किया। आज की कार्रवाई में हमारी टीम ने न सिर्फ जनता को राहत दी, बल्कि पश्चिमी यूपी के अपराध जगत से दो बड़े नामों का अंत कर दिया।
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