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शहादत की याद में वीरांगनाओं की आंखों से बहे अश्रु, जानिये शहीद पुलिसकर्मियों की पूरी कहानी

एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । पुलिस लाइन में आयोजित स्मृति दिवस के मौके पर तीन शहीद पुलिसकर्मियों की वीरांगनाओं की आंखों में भावनाओं का सैलाब देखना किसी के लिए भी अनमोल अनुभव था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सम्मानित कांस्टेबल सौरभ की पत्नी आयुषी की आंखें तब छलक पड़ीं जब उन्हें उनके पति के बलिदान की सराहना की गई। कुछ देर के लिए पूरा माहौल गमगीन हो गया। सीएम ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा, सरकार आपके साथ है। यह कहकर आयुषी का हौंसला बढ़ाया।

सौरभ की तरह साहसी और कर्तव्यनिष्ठ बनना चाहती हूँ : आयुषी

आयुषी ने नम आंखों से बताया, हमारी शादी 2020 में हुई थी। मेरी जिंदगी अचानक ही बदल गई। मैं भी अपने सौरभ की तरह साहसी और कर्तव्यनिष्ठ बनना चाहती हूँ। कांस्टेबल सौरभ कुमार का बलिदान 25 मई को गौतमबुद्धनगर में हुआ था, जब पुलिस टीम ने वांछित अपराधी कादिर की गिरफ्तारी के प्रयास में गाजियाबाद पहुंची। भीड़ के उकसावे में सौरभ के सिर में गोली लगी और उन्होंने शहीद होने तक ड्यूटी निभाई। आयुषी ने कहा, उनकी शहादत ने यह साबित कर दिया कि पुलिसकर्मी कर्तव्य की रक्षा में कभी पीछे नहीं हटते, पद और सम्मान की परवाह किए बिना हर कोई अपने प्राण न्योछावर करने को तैयार रहता है।

उनके पति का बलिदान उनके बेटों के लिए रहेगा प्रेरणा स्रोत

एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार की पत्नी मुनेश देवी ने भी भावुक होकर कहा कि उनके पति का बलिदान हमेशा उनके और बच्चों मोहित और नेहा के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। हम उनके बलिदान को याद रखेंगे और उनके बेटों को उसी तरह प्रेरित करेंगे। मेरे लिए यही सबसे बड़ा पुरस्कार है कि सरकार ने उन्हें सम्मानित किया। सुनील कुमार ने 20 जनवरी को एक लाख रुपये के इनामी अपराधी अरशद की तलाश में शामली में मुठभेड़ के दौरान चार अपराधियों को ढेर किया और अपनी अंतिम सांस गुरुग्राम मेदांता अस्पताल में ली।

मुझे अपने पति का गर्व है : प्रियंका सिंह

जौनपुर के मुख्य आरक्षी दुर्गेश कुमार की पत्नी प्रियंका सिंह ने भी अपने पति को याद करते हुए कहा, मुझे अपने पति पर गर्व है। उनका बलिदान निष्ठा और साहस की अमिट मिसाल बन गया। दुर्गेश कुमार ने 17 मई को गो-तस्करी के खिलाफ अभियान के दौरान अपने प्राण न्योछावर कर ड्यूटी पूरी की थी। चेकिंग के दौरान गोतस्करों ने उन्हें सीधे पिकअप से टक्कर मारी। बीएचयू के ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। प्रियंका ने कहा, सरकार हमारे साथ है, इससे ज्यादा हमें क्या चाहिए।इस स्मृति दिवस ने सभी को यह याद दिलाया कि पुलिसकर्मियों का साहस और उनकी वीरांगनाओं का धैर्य ही समाज और देश के लिए सबसे बड़ा बलिदान है। उनके आँसू और उनकी यादें हमेशा अमिट रहेंगे।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने सुरक्षा और जीरो टॉलरेंस की दी गारंटी: डीजीपी

डीजीपी राजीव कृष्ण द्वारा शहीद पुलिसजनों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा गया कि, आज हम अपने उन वीर साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिये यहां एकत्र हुए हैं जिन्होंने कर्तव्य की वेदी पर गत एक वर्ष में अपने प्राण न्योछावर किये हैं।इस महान राष्ट्र की मिट्टी में शौर्य रचा-बसा है, जहां बलिदान की परंपरा युगों-युगों से जीवंत है। आज से 66 वर्ष पूर्व भारत की उत्तरी सीमा लद्दाख के हिमाच्छादित जनहीन क्षेत्र में 21 अक्टूबर 1959 को केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 10 जवानों ने चीनी सैनिकों का बहादुरी पूर्वक मुकाबला करते हुए अपने प्राणों की आहुतियॉ दी थी। इन्हीं अमर वीर जवानों की याद में पुलिस स्मृति दिवस मनाए जाने की परम्परा प्रचलित है।

186 शूरवीरों ने कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राणों की आहूति दी

विगत वर्ष भारतवर्ष में राज्य एवं केंद्रीय पुलिस बल के कुल 186 शूरवीरों ने कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राणों की आहूति दी है। मैं राज्यवार व संगठनवार विवरण प्रस्तुत कर रहा हूँ। इसमें आंध्रप्रदेश-05, अरुणाचल प्रदेश-01, असम-02, बिहार-08, छत्तीसगढ़-16, गुजरात-03, झारखण्ड-01, कर्नाटक-08, केरल-01, मध्य प्रदेश-08, महाराष्ट्र-01, मणिपुर-03, नागालैण्ड-01, ओडिशा-02, पंजाब-03 राजस्थान-07 तमिलनाडु-06, तेलंगाना-05, त्रिपुरा-02, उत्तर प्रदेश 03, उत्तराखण्ड-04, पश्चिम बंगाल 12, चण्डीगढ़-02, दिल्ली-08, जम्मू कश्मीर-14, लद्दाख-01, असम राइफल्स-02, बीएसएफ-23, सीआईएसएफ-06, सीआरपीएफ-08, आईटीबीपी-05, एसएसबी-05, एनडीआरएफ-01, एवं आरपीएफ के 09 जवान सम्मिलित हैं ।

विगत एक वर्ष में तीन पुलिसकर्मी वीर गति को प्राप्त हुए

उत्तर प्रदेश में विगत एक वर्ष में तीन पुलिसकर्मी वीर गति को प्राप्त हुए हैं, जिनमें निरीक्षक,दलनायक सुनील कुमार एसटीएफ उत्तर प्रदेश, मुख्य आरक्षी दुर्गेश कुमार सिंह जनपद जौनपुर व आरक्षी सौरभ कुमार कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने सर्वोच्च बलिदान दिया है ।मैं इन दिवंगत पुलिस जनों को समस्त पुलिस परिवार की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ और उनके परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना प्रकट करता हूँ।

इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें

ईश्वर से मेरी प्रार्थना है कि उनके परिजन को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।साथियों मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश पुलिस आज जिस नई दिशा में आगे बढ़ रही है, वह हमारे शहीदों के त्याग को सार्थक करने की संकल्पित यात्रा भी है।

इसी भावना के साथ मेरे द्वारा सीएम के विजन को समग्रता में क्रियान्वित करने को यूपी पुलिस हेतु दस प्राथमिकताओं का निर्धारण किया गया है।हम एक ऐसे पुलिस तंत्र का निर्माण कर रहे हैं, जहाँ अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस हो, महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि हो, और हर नागरिक की शिकायत को संवेदनशीलता और त्वरित समाधान के साथ सुना जाए।

कानून-व्यवस्था को हर परिस्थिति में दृढ़ता से कायम रखा जाएगा

हमारा प्रयास है कि कानून-व्यवस्था को हर परिस्थिति में दृढ़ता से कायम रखा जाए और पारंपरिक अपराधों के साथ-साथ साइबर अपराध जैसे नए आयामों पर भी उतनी ही कठोरता और तकनीकी दक्षता से नियंत्रण हो, इसी के साथ पुलिस सेवाओं को सरल, सुलभ और नागरिक-केंद्रित बनाना और वर्दी के पीछे खड़े हर जवान के कल्याण, मनोबल और परिवार की चिंता करना हमारी नीति का अभिन्न हिस्सा है।

सभी अमर प्रहरी आत्माओं को शत-शत नमन करता हूँ

मुझे यह बताते हुए अत्यंत हर्ष है की इन सभी प्राथमिकताओं पर योजनाबद्ध कार्य के फलस्वरूप इनके सार्थक परिणाम धरातल पर दिखने लगे हैं।अंत में, इस पुण्य तिथि पर, मैं उत्तर प्रदेश पुलिस बल की ओर से उन सभी अमर प्रहरी आत्माओं को शत-शत नमन करता हूँ, जिनके साहस और बलिदान ने इस वर्दी को गरिमा और गौरव प्रदान किया है।मैं प्रदेश वासियों को भी यह दृढ़ आश्वासन देना चाहता हूँ कि उत्तर प्रदेश पुलिस सम्पूर्ण निष्ठा, सामर्थ्य और संवेदनशीलता के साथ आपकी सुरक्षा, सेवा और न्याय सुनिश्चित करने के लिये प्रतिबद्ध है।

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