महाकुम्भनगर। मंगलवार की रात को संगम नगरी से बहुत ही दुखद समाचार सामने आया। महाकुम्भ में मौनी अमावस्या के स्नान के लिये भीड़ का दबाव इतना बढ़ा कि संगम तट पर भगदड़ मच गई। सूत्रों के अनुसार हादसे में कई श्रद्धालुओं की मौत हो गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के घायल होने की भी सूचना है। मेला प्रशासन ने अभी मरने वालों की संख्या की पुष्टि नहीं की है।

राहत और बचाव कार्य में जुटा प्रशासन

घायलों का इलाज महाकुम्भ नगर के केंद्रीय अस्पताल में जारी है।महाकुम्भ के अस्पताल में घायलों को लेकर आने वाली एंबुलेंस का तांता लगा हुआ है। राहत और बचाव कार्य में पूरा प्रशासन जुटा हुआ है।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह दर्दनाक हादसा रात करीब दो बजे संगम तट के पास हुआ। राहत कार्य करीब 1 घंटे बाद शुरू हुआ।

जो नीचे गिर पड़ा वह उठ नहीं सका

महाकुम्भ में मौनी अमावस्या के लिए मंगलवार सुबह से ही अपार जन समूह उमड़ा हुआ था। दोपहर में बेकाबू भीड़ ने कई स्थानों की बैरिकेडिंग भी तोड़ी। रात में स्नान शुरू होने के बाद संगम में भीड़ अधिक बढ़ गई। संगम तट और उसके आसपास लाखों श्रद्धालु जमा हो गए।

आधी रात के बाद स्नानार्थियों की भीड़ संगम तट के करीब ठहर गई

अखाड़ों के लिए बनाई गई बैरिकेडिंग भी कुछ स्नानार्थियों ने तोड़ने का प्रयास किया। जिसको जहां से जगह मिलती उधर ही चला जाता। आधी रात के बाद स्नानार्थियों की भीड़ संगम तट के करीब ठहर गई, जिससे स्थिति बिगड़ने लगी। रात करीब दो बजे स्थिति नियंत्रण से बाहर हुई तो भगदड़ मच गई।

इधर-उधर भागती भीड़ में जो नीचे गिर पड़ा वह उठ नहीं सका

इधर-उधर भागती भीड़ में जो नीचे गिर पड़ा वह उठ नहीं सका। जिसने भागने का प्रयास किया वह भी दब गया। मेला कंट्रोल रूम और पुलिस कंट्रोल रूम को यह सूचना मिली तो हड़कंप मच गया।हादसे की सूचना मिलने पर पैरामिलिट्री फोर्स, एबुंलेंस को अलग-अलग स्थान से संगम की ओर रवाना किया गया। इसके बाद एंबुलेंस में तमाम श्रद्धालुओं को भरकर लाया गया। केंद्रीय अस्पताल में कई लोगों को जमीन पर लिटाया गया था, जिनके बारे में एक अस्पताल कर्मी ने कहा कि उनकी मौत हो गई है।

संगम पर न आने की अपील

भगदड़ हादसे के बाद सभी तीर्थयात्रियों से विनम्र आग्रह किया जा रहा है कि संगम की ओर आने की कोशिश ना करें। अन्य घाटों पर स्नान करें और अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करें। महाकुंभ क्षेत्र में लगे सैकड़ों माइक पर यही आवाज गूंज रही है, जो भगदड़ की दिल दहलाने वाली तस्वीर की गवाही भी है। अभी हालात काबू में बताये जाते हैं। महाकुम्भ नगर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और संयम बरतने की अपील की है।

कृपया बच्चों को कंधे पर बैठाएं

यह भी बार-बार माइक से अनाउंस किया जा रहा है कि श्रद्धालु अपने बच्चों को कंधे पर बैठा कर चलें, किसी को धक्का न मारें। धीरे-धीरे बढ़ें।वहीं मेले में मची भगदड़ के बाद निरंजनी अखाड़े ने स्नान जुलूस रोक दिया है। कुछ फिलहाल अखाड़े स्नान के लिए नहीं निकले हैं। अखाड़ों ने अमृत स्नान स्थगित कर दिया है।

भारी भीड़ के चलते अखाड़ों ने स्नान रोका

मौनी अमावस्या पर होने वाले अमृत स्नान को भारी भीड़ के चलते शैव अखाड़ों ने रोक दिया है। महानिर्वाणी और निरंजनी अखाड़े के साधु संत एवं नागा संन्यासी स्नान को नहीं निकले। हजारों की संख्या में नागा संन्यासी छावनी में ही मौजूद हैं। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी का कहना है भारी भीड़ के चलते स्नान को रोका गया है। अगर स्थिति ठीक हुई तभी अखाड़े स्नान को निकलेंगे। अन्यथा स्नान को निरस्त कर दिया जाएगा।

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