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नशे की लत व पैसा कमाने की चाह में महिला करने लगी मादक पदार्थो की तस्करी,गैंग का भंडाफोड़

लखनऊ। एसटीएफ उत्तर प्रदेश को अन्तर्राज्यीय स्तर पर मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले गिरोह के दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार करते हुए लगभग 5 कि.ग्रा. 628 ग्राम चरस (अनुमानित मूल लगभग 30 लाख रुपए) बरामद करने में सफलता प्राप्त हुई। गिरफ्तार अभियुक्त का नाम संतोष कुमार झा पुत्र स्व. रत्नेश्वर झा निवासी गडबडुवाड़ी, थाना सुपौल, जनपद सुपौल, बिहार, शिखा वर्मा पुत्री सरोज सेठ निवासी कंदवा, थाना चितईपुर, जनपद वाराणसी है।

मादक पदार्थ की तस्करी से धन कमाने की सूचनाएं प्राप्त हो रहीं थी

एसटीएफ यूपी को विगत काफी समय से अन्तर्राज्यीय स्तर पर मादक पदार्थ की तस्करी से अवैध धन कमाने की सूचनाएं प्राप्त हो रहीं थी। इस सम्बन्ध में एसटीएफ की विभिन्न इकाईयों व टीमों को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था। उक्त निर्देश के क्रम में एसटीएफ फील्ड इकाई वाराणसी के निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित एक टीम द्वारा धरातलीय अभिसूचना संकलन की कार्यवाही की जा रही थी।

गिराेह के दो सदस्य में एक महिला भी शामिल

अभिसूचना संकलन के दौरान ज्ञात हुआ कि जनपद वाराणसी में ड्रग्स माफियाओं का एक संगठित गिरोह कार्य कर रहा है, जिनके द्वारा चरस, गांजा, हषीष, स्मैक आदि नशीले पदार्थ हिमाचल प्रदेश के मनाली, बिहार व नेपाल के बार्डर से भारी मात्रा में लाकर जनपद वाराणसी एवं आसपास के जनपदों में बेचा जाता है। मादक पदार्थ तस्करों द्वारा मादक पदार्थ बस,ट्रेन के द्वारा भी देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंचवाया जाता है। इसी क्रम में मंगलवार को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली कि मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले उक्त गिरोह के दो सदस्य जिसमें एक महिला भी है। 21 जनवरी को बस द्वारा मनाली हिमांचल प्रदेश चरस लेने गए है।

बस से चरस लाने की एसटीएफ को मिली सूचना

आज वो लोग बस से ही चरस लेकर मनाली से दिल्ली होते हुए वाराणसी आने वाले है, यदि शीघ्रता की जाये तो रास्ते में पकड़ा जा सकता है। इस सूचना पर विश्वास करते हुए एसटीएफ फील्ड इकाई वाराणसी की टीम द्वारा लखनऊ-वाराणसी रोड पर स्थित थाना कोतवाली देहात, जनपद सुल्तानपुर के स्थानीय पुलिस को अवगत कराते हुए साथ लेकर मुखबिर द्वारा बतायी गयी बस को थाना कोतवाली देहात के गेट के पास रोककर बस की तलाशी कर उपरोक्त अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से उपरोक्त बरामदगी की गयी।

इस तरह लालच में आकर महिला गैंग में हो गई शामिल

गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ एवं अभिसूचना संकलन से पाया गया कि संतोष कुमार झा उक्त गैंग के सरगना देवेन्द्र कुमार मिश्रा पुत्र स्व. उपेन्द्र मिश्रा निवासी नीलकण्ठ (काली माता मंदिर के पास) थाना चौक जनपद वाराणसी का रिश्तेदार है, जो पैसे के लालच में आकर सरगना देवेन्द्र कुमार मिश्रा के साथ मादक पदार्थ के तस्करी में संलिप्त है। अभियुक्ता शिखा वर्मा स्वयं नशीले पदार्थ की सेवन करती है। शिखा वर्मा को सेवन के लिये नशीला पदार्थ व पैसा देने का लालच देकर गैंग में शामिल कर लिया गया था।

ड्रग्स लाते समय न हो शक इसलिए महिला का किया चुनाव

शिखा वर्मा को इसलिये शामिल किया गया था कि ड्रग्स लाते समय साथ में महिला होने से कोई शक नहीं करेगा और सुचारू रूप से ड्रग्स लाया जा सकता है। सरगना देवेन्द्र कुमार मिश्रा द्वारा मादक पदार्थ खरीदने हेतु पहले संबंधित को आॅनलाइन पैसा भेज दिया जाता था, इसके उपरान्त अपने गैंग के संबंधित सदस्य को मोबाइल देकर मादक पदार्थ लाने के लिए भेजा जाता है। 21 जनवरी को अभियुक्तगण संतोष कुमार झा व शिखा वर्मा को बस द्वारा मनाली भेजा गया तथा बताया गया कि ओल्ड मनाली में तनु नामक आदमी से ड्रग्स लेना है। ये लोग बताये अनुसार मनाली पहुंचकर तनु से उक्त ड्रग्स ले लिये।

वाराणसी में यह ड्रग्स देने जा रहे थे दोनों, सरगना फरार

यह ड्रग्स लाकर वाराणसी में देना था। इस काम के लिये इन्हें प्रति चक्कर 50-50 हजार रुपए दिये जाते थे। वाराणसी मंगाकर उक्त ड्रग्स को सरगना देवेन्द्र कुमार मिश्रा द्वारा अपने गैंग के अन्य सदस्यों के माध्यम से वाराणसी के विभिन्न स्थानों के साथ-साथ वाराणसी के बाहर भी भेजकर भारी लाभ कमाया जाता है। सरगना देवेन्द्र कुमार मिश्रा व अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं। गिरफ्तार उपरोक्त अभियुक्तगण के विरूद्ध थाना कोतवाली देहात, जनपद सुल्तानपुर पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।

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