एसएमयूपीन्यूज,ब्यूरो। डॉ. आंबेडकर को लेकर संसद में शुरू हुई तकरार ने आज धक्का-मुक्की का रूप ले लिया। पहले भाजपा ने आरोप लगाया कि उसके सांसदों को धक्का दिया गया और वो भी राहुल गांधी ने ऐसा किया। दूसरी ओर कांग्रेस ने यही आरोप भाजपा सांसदों पर लगाया। भाजपा ने जहां राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाया तो कांग्रेस ने इस मुद्दे पर पुलिस में शिकायत की।

इस मुद्दे पर दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए पत्रकार वार्ता भी की। भारतीय जनता पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस संसद में तर्क के स्थान पर शारीरिक बल से अपने आपको ऊपर उठाना चाहती है। वहीं, कांग्रेस का आरोप है कि आज का पूरा घटनाक्रम मुद्दों से ध्यान भटकाने की साजिश है।

आज संसद में हुआ घटनाक्रम कल्पना से परे: शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज संसद में हुए घटनाक्रम को कांग्रेस की गिरती हुई सोच का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने एक बुजुर्ग और एक आदिवासी महिला के साथ अशोभनीय व्यवहार किया है। उन्होंने कहा कि आज संसद में हुआ घटनाक्रम कल्पना से परे है। यह अशालीन, अशोभनीय और गुंडागर्दी से भरा व्यवहार है, इस आचरण की सभ्य समाज कल्पना भी नहीं कर सकता। वह स्वयं कई बार लोकसभा और विधानसभा के सदस्य रहे हैं लेकिन उन्होंने आज तक संसद या विधानसभा में इस तरह का आचरण नहीं देखा।

भाजपा नेहरू और आंबेडकर को लेकर झूल फैलाने का कर रही काम : खरगे

दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी मुख्यालय में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता विपक्ष राहुल गांधी ने पत्रकार वार्ता कर इस घटनाक्रम के बारे में बताया। खरगे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी नेहरू और आंबेडकर को लेकर झूठ फैलाने का काम कर रही है। उन्हें तथ्य देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने अपने बयान से डॉ. आंबेडकर का अपमान किया है। उन्हें इस्तीफा देना चाहिए और अगर वह इस्तीफा नहीं देते तो प्रधानमंत्री को उन्हें बर्खास्त करना चाहिए।

भाजपा मुद्​दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रही : राहुल

उन्होंने सुबह हुई धक्का-मुक्की की घटना को लेकर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा है कि विपक्षी गठबंधन की महिला सांसदों को संसद के अंदर जाने से रोका गया। उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और स्वयं उनके साथ भी दुर्व्यवहार हुआ, उनका संतुलन बिगड़ा और वह नीचे गिर गए। इसके उलट भाजपा हम पर आरोप लगा रही है कि हमने धक्का दिया। अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पूरे देश में आंदोलन होगा।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी मुद्दों से ध्यान भटकने के लिए ऐसा कर रही है।

विरोध के बीच राज्यसभा व लोकसभा दिन भर के लिए स्थगित

संसद की कार्यवाही गुरुवार को एक बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ गई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और गृह मंत्री अमित शाह की आंबेडकर पर टिप्पणी से जुड़े अलग-अलग विवादों को लेकर हंगामे के बीच राज्यसभा और लोकसभा दोनों को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया।गुरुवार को उच्च सदन की कार्यवाही दोबारा दोपहर दो बजे शुरू होते ही फिर हंगामे की भेंट चढ़ गई। इस बार हंगामे का मुद्दा बदला हुआ था। संसद में बाबा साहेब को लेकर विरोध प्रदर्शन के बीच लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और भाजपा सांसदों के बीच हुई धक्का-मुक्की की घटना का मुद्दा राज्यसभा में उठाया गया।

सदन के पटल पर रखे गए उपराष्ट्रपति के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव

सभापति ने सचिव को सदन के पटल पर रखे गए उपराष्ट्रपति के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर 10 दिसंबर को प्राप्त संचार पर राज्यसभा के उपसभापति द्वारा दिया गया विस्तृत निर्णय रखने को कहा। इसके बाद सदन में सबसे पहले सभापति ने भाजपा के राज्यसभा सांसद फंगनोन कोन्याक को बोलने का मौका दिया। कोन्याक ने सदन में बताया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उनके सम्मान और स्वाभिमान को गहरी ठेस पहुंचाई है। आज जो कुछ भी हुआ वह बहुत दुखद है, ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बारे में सभापति से भी लिखित शिकायत कर अपने साथ हुए दुर्व्यवहार का ब्यौरा दिया।

पूरी कांग्रेस को संसद और देश से माफी मांगनी चाहिए

इसके बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अपनी बात रखते हुए कहा कि राहुल गांधी ने आज भाजपा के दो सांसदों को धक्का दिया, जो अब अस्पताल में भर्ती हैं। राहुल गांधी के व्यवहार के लिए पूरी कांग्रेस को संसद और देश से माफी मांगनी चाहिए। संसद कुश्ती का अखाड़ा नहीं है। यह लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन है। राहुल गांधी और कांग्रेस को इस बारे में पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने भाजपा सांसदों के साथ धक्का-मुक्की की घटना की निंदा करते हुए कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने इस पर निंदा प्रस्ताव पेश करने की बात कही।

घायल भाजपा सांसदों से प्रधानमंत्री ने की बात

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को संसद परिसर में प्रदर्शन के दौरान हुई धक्कामुक्की में घायल भाजपा सांसद प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत को फोन करके उनका हालचाल पूछा। संसद के प्रवेश द्वार पर विपक्ष और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच हुई हाथापाई में दोनों सांसद घायल हो गए थे। उन्हें दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है।

सारंगी का दावा राहुल गांधी ने दिया धक्का

संसद परिसर में विपक्षी सांसदों द्वारा डॉ. भीमराव आंबेडकर के प्रति अनादर का आरोप लगाते हुए किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान तीखी नोकझोंक के बाद यह घटनाक्रम हुआ। यह मामला उस समय और तूल पकड़ गया, जब भाजपा सांसद प्रताप चंद्र सारंगी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर एक सांसद को धक्का देने का आरोप लगाया। इस घटना के बाद सारंगी गिर गए और उनके सिर में चोट लग गई। कुछ पत्रकारों से बातचीत में सारंगी ने दावा किया कि राहुल गांधी ने एक सांसद को धक्का दिया और वह मुझसे टकरा गए। मैं गिर गया और मेरे सिर पर चोट लगी, जिससे खून बह रहा है।

मुकेश राजपूत की की जा रही एमआरआई

इस बीच केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, शिवराज सिंह चौहान, प्रल्हाद जोशी और किरेन रिजिजू ने आरएमएल अस्पताल में जाकर वहां भर्ती दोनों भाजपा सांसदों का कुशल-क्षेम जाना और अस्पताल प्रशासन से उनके उपचार के बारे में जानकारी ली। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि जब मैं देखने गया तो मुकेश राजपूत उस समय तक होश में नहीं थे। उनकी एमआरआई की जा रही थी।आरएमएल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक अजय शुक्ला का कहना है कि दोनों नेताओं के सिर में चोटें आई हैं और उन्हें गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया है।

पहली नजर में लक्षणात्मक उपचार शुरू हुआ

पहली नजर में लक्षणात्मक उपचार शुरू हो गया है। आवश्यकतानुसार जरूरी टेस्ट कराए जा रहे हैं। चूंकि दोनों के सिर में चोटें आई थीं, इसलिए उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया था। प्रताप सारंगी को भारी रक्तस्राव हो रहा था और उन्हें गहरा जख्म भी था, इसलिए उन्हें टांके लगाने पड़े।दूसरे सांसद के स्वास्थ्य के बारे में उन्होंने कहा, “मुकेश राजपूत बेहोश हो गए थे। फिलहाल वो होश में हैं, लेकिन उन्हें चक्कर आ रहे हैं और बेचैनी हो रही है। उनका रक्तचाप बढ़ गया था।”

सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत

संसद में सत्ता पक्ष औऱ विपक्ष के सांसदों के बीच गुरुवार को हाई वॉल्टेज ड्रामा देखने को मिला। बाबा साहेब के अपमान को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच टकराव इस कदर बढ़ गया कि मामला पुलिस स्टेशन तक जा पहुंचा। दोनों पार्टियों ने संसद के बाहर कथित हाथापाई के बाद एक-दूसरे पर मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। भाजपा की तरफ से लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी द्वारा भाजपा सांसदों को धक्का मार कर घायल करने की घटना पर साथी सांसदों बांसुरी स्वराज व हेमांग जोशी के साथ संसद मार्ग थाने में राहुल गांधी के खिलाफ बीएनएस की धारा 109, 115, 117, 125, 131 और 351 के तहत शिकायत दर्ज कराई।

अहंकारी राहुल गांधी ख़ुद को क़ानून से ऊपर समझते हैं: अनुराग ठाकुर

अनुराग ठाकुर ने कहा कि अहंकारी राहुल गांधी ख़ुद को क़ानून से ऊपर समझते हैं। अनुराग सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि जहां एनडीए सांसद शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और राहुल गांधी जी ने उन्हें धक्का देकर घायल कर दिया, जिसके चलते भाजपा के दो सांसद अस्पताल में भर्ती हैं। राहुल गांधी को कानून के उल्लंघन की आदत है। हत्या की कोशिश की धाराओं में शिकायत दी है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस खिसियानी बिल्ली खंभा नोचने वाली मानसिकता में है। राहुल गांधी का यह व्यवहार न केवल गैर-जिम्मेदाराना है। बल्कि संसदीय गरिमा और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाला भी है। मुकेश राजपूत को उस धक्के में सिर के बल गिरे, प्रताप चंद्र सारंगी का सिर फट गया है। शारीरिक हमला और उकसाने का काम राहुल गांधी ने किया है।

कांग्रेस नेताओं को शिकायत दर्ज कराने से पहले करना पड़ा इंतजार

वहीं, कांग्रेस ने भी भाजपा के नेताओं के खिलाफ गुरुवार को संसद मार्ग पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि भाजपा नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ दुर्व्यवहार किया, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इसकी पुष्टि की। दिग्विजय सिंह, मुकुल वासनिक, राजीव शुक्ला और प्रमोद तिवारी सहित कांग्रेस सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने व्यक्तिगत रूप से शिकायत दर्ज कराई। उस समय, भाजपा नेताओं का एक समूह नई दिल्ली के डीसीपी देवेश कुमार महला से मिल रहा था, जिससे कांग्रेस नेताओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने से पहले एसीपी के कमरे में इंतजार करना पड़ा।

दलित नेता मल्लिकार्जुन खरगे को धक्का दिया गया

पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। प्रमोद तिवारी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि 84 वर्षीय दलित नेता मल्लिकार्जुन खरगे को धक्का दिया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। हम इस कृत्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने आए हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे पत्र में कांग्रेस सांसदों ने घटना की जांच की मांग की।

अमित शाह की टिप्पणी को लेकर टकराव शुरू हो गया

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को संसद में अमित शाह की टिप्पणी को लेकर टकराव शुरू हो गया, जहां उन्होंने कांग्रेस पर बार-बार बी.आर. आंबेडकर का अपमान करने पर निशाना साधा। राज्यसभा में अपने भाषण में शाह ने कहा, “अगर उन्होंने भगवान का नाम इतनी बार लिया होता, तो उन्हें स्वर्ग में जगह मिल जाती। विपक्ष ने जोरदार तरीके से इसकी निंदा की। जबकि भाजपा ने कहा कि उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है।

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