लखनऊ। उत्तर प्रदेश की विधानसभा के घेराव के लिए गोरखपुर से चलकर लखनऊ पहुंचें कांग्रेस कार्यकर्ता प्रभात पाण्डेय की मौत हो गयी। कार्यकर्ता के मौत की सूचना पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल पहुंचे। कुछ ही देर में वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट आयी। इस बीच उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अस्पताल पहुंचकर जायजा लिया। प्रदर्शन के दौरान अजय राय भी कुछ देर के लिए बेहोश हो गये थे।
मृतक गोरखपुर का रहने वाला था
अस्पताल पर जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि मृतक गोरखकापुर रहने वाला है। अपने चाचा के साथ वह आया था। अचानक बेहोश होकर गिरने के बाद कार्यकर्ताओं ने ही उसे अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया है। वहीं माैके पर पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने समुचे घटनाक्रम की जांच की मांग किया हैं।
जानकारी मिलते ही अस्पताल पहुंचे डिप्टी सीएम
घटना की सूचना मिलते ही सिविल अस्पताल पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी पहुंचें। इससे पहले सिविल अस्पताल के बाहर एकत्रित हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपमुख्यमंत्री को रोकने का प्रयास किया लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें पीछे ढ़केल दिया। ब्रजेश पाठक ने मृतक के बारे में अस्पताल के चिकित्सकों से मिलकर पूरी जानकारी की।
पीएम रिपोर्ट आने के बाद भी कुछ कहा जा सकता है : डिप्टी सीएम
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि मृतक की बॉडी कांग्रेस कार्यालय में गिरी हुई मिली थी। मृतक के चाचा ने मुझे फोन कर बताया। इसके बाद मैनें उन्हें अस्पताल ले जाने को कहा, सिविल अस्पताल लाने पर चिकित्सकों ने मृतक के चाचा को बताया कि वह मृत हो चुका है। घटना के संबंध में पाेस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद कुछ कहा जायेगा। यह तकनीकी मामला है ताे पुलिस प्रशासन एवं पाेस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों काे कार्यवाही के लिए कहा गया है।कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान लगाये गये बैैरिकेडिंग के कारण गिरने से कार्यकर्ता की मौत हुई है। वह प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आया था।
कांग्रेस कार्यालय पर कार्यकर्ता की मौत मामले में एफआईआर दर्ज
लखनऊ में थाना हुसैनगंज के अंतर्गत माल एवेन्यू क्षेत्र में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के कार्यालय में कार्यकर्ता प्रभात पांडे की मौत के बाद उसके चाचा मनीष पांडे की तहरीर पर बीएनएस की धारा 103 के तहत एफआईआर दर्ज हुई।मृतक प्रभात पांडे के चाचा मनीष पांडे ने तहरीर में बताया कि प्रभात एमिटी कॉलेज के सामने पीजी में रहता था। बुधवार की शाम 4:15 पर कांग्रेस दफ्तर से उन्हें एक फोन आता है, जिसमें बताया जाता है कि आप का भतीजा दो घंटे से बेहोशी में पड़ा हुआ है। उसके बाद मनीष द्वारा संदीप को कार्यालय पर भेजा जाता है। जहां से एक वाहन से सिविल अस्पताल में प्रभात की बॉडी को लेकर पहुंचते हैं। जहां चिकित्सकों ने प्रभात को मृत घोषित कर दिया गया।
हुसैनगंज थाने में दर्ज की गई रिपोर्ट, हत्या की आशंका
उन्होंने हुसैनगंज थाने पर दी तहरीर में बताया कि प्रभात कांग्रेस कार्यालय कैसे पहुंचा, उन्हें नहीं पता है। उनके भतीजे को कोई बीमारी भी नहीं थी। संभवत: उसकी हत्या की गई है। इस तहरीर के बाद लिखी गई एफआईआर की विवेचना निरीक्षक शमशेर बहादुर सिंह को दी गई है।पुलिस उपायुक्त रवीना त्यागी ने लोगों से किसी प्रकार की अफवाह नहीं फैलाने की अपील की। उपायुक्त मध्य कार्यालय से एक अपील पत्र भी जारी कराया। अपील पत्र में बताया गया कि कांग्रेस कार्यकर्ता प्रभात पांडे (28 वर्ष), निवासी सहजनवा, गोरखपुर, को कांग्रेस प्रदेश पार्टी कार्यालय से सिविल अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि उन्हें मृत अवस्था में ही अस्पताल लाया गया था।
मृतक के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि मृतक को आखिरी बार कांग्रेस प्रदेश पार्टी कार्यालय में देखा गया था, जहां वह बेहोशी की हालत में पाए गए। डॉक्टरों के अनुसार, प्रथम दृष्टया उनके शरीर पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं।मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मृतक के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ कराया जाएगा। पुलिस विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए त्वरित और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करेगी।
पुलिस का कहना है घटना के बारे में फैलाई जा रही गलत जानकारी
घटना के संबंध में फैलाई जा रही अफवाहों पर लखनऊ पुलिस का पक्ष है कि प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर किसी भी प्रकार का बल प्रयोग किया ही नहीं गया था। इस घटना से जोड़कर गलत जानकारी व अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी ताकि कानून व्यवस्था और शांति पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

पुलिस की मार से हमारे साथी प्रभात पांडेय की हुई मौत : अजय राय
बुधवार को देशभर में कांग्रेस पार्टी प्रदर्शन कर रही थी उसी क्रम में आज उत्तर प्रदेश कांग्रेस द्वारा भाजपा के कुशासन के खिलाफ हजारों की संख्या में कांग्रेसजनों द्वारा शांतिपूर्ण तरीके विधानसभा का घेराव करने की मंशा से कूच किया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की मार से हमारे साथी युवा कांग्रेस के पूर्व सचिव प्रभात पाण्डेय की दुखद मौत हो गई। ये बातें कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बुधवार देर रात प्रेसवार्ता में कही।
दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता का किया ऐलान
उन्होंने कहा कि परिवार को 10 लाख रूपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया तथा पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा जिस मां अपना बेटा आज खोया है मैं उसकी कमी तो पूरी नहीं कर सकता लेकिन जब उन्हें आवश्यकता होगी मैं उनके बेटे की तरह उपस्थित रहूंगा। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से मृत कार्यकर्ता के परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की मांग की।
कई कार्यकर्ताओं के प्राइवेट पार्ट पर लातों से प्रहार किया गया
श्री राय ने बताया कि पुलिस द्वारा कानपुर देहात निवासी एनएसयूआई के कार्यकर्ता आफताब ज़ाफ़री सहित कई कार्यकर्ताओं के प्राइवेट पार्ट पर लातों से प्रहार भी किया गया जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आई और वह अपना इलाज करा रहे हैं। श्री राय बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा मुझ पर भी बल प्रयोग किया गया जिसके कारण मैं भी तकरीबन 15 मिनट से अधिक समय तक बेहोश रहा जो योगी सरकार की पुलिस की बर्बरता को उजागर करता है।
कार्यकर्ता की मौत की जिम्मेदार पुलिस और योगी सरकार
श्री राय ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की आवाज को दबाने की मंशा से प्रशासन द्वारा एक दिन पूर्व ही प्रदेश भर के कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट किया जा रहा था तथा लखनऊ ना आने का दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि मैंने कल शाम को ही मीडिया के माध्यम से यह चेताया था कि प्रशासन द्वारा कांग्रेसजनों को रोकने के लिए बड़ी-बड़ी भालेदार बैरीकेडिंग लगाना यह दर्शाता है कि योगी जी की पुलिस कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मारना चाहती है। नतीजन आज संघर्ष के दौरान पुलिस की बर्बरता से एक युवा कार्याकर्ता की मौत हो गई इसकी जिम्मेदारी प्रदेश की योगी सरकार और पुलिस की है।