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बहराइच में तीसरे दिन भी इंटरनेट सेवा निलंबित, सड़कों पर सन्नाटा

बहराइच। जनपद में रविवार को मूर्ति विसर्जन के दौरान भड़की सांप्रदायिक हिंसा में मारे गए राम गोपाल मिश्रा का परिवार मंगलवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला। उनके साथ ​विधायक सुरेश्वर सिंह भी थे। उधर, बहराइच जिले में घटना के तीसरे दिन भी इंटरनेट सेवा निलंबित है।

फिलहाल, स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने के दौरान पूरे घटना से उन्हें अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया है कि उनके साथ न्याय होगा। सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। इसके अलावा कई विषयों पर पीड़ित परिवार से मुख्यमंत्री की वार्तालाप हुई है।

महसी और आसपास के इलाकों में तनावपूर्ण हालात

हालात तनावपूर्ण, फोर्स तैनात जनपद बहराइच में हुए बवाल के बाद महसी और आसपास के इलाकों में तनावपूर्ण हालात हैं। उपद्रवियों से निपटने के लिए पीएसी, आरएएफ के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। जानकारी यह मिली है कि बीतीरात को एक धार्मिक स्थल, कुछ दुकानों और घरों को निशाना बनाया गया लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के चलते उपद्रवियों के मंसूबों पर पानी फिर गया। पूरे जिले में इंटरनेट सेवा निलंबित है। पुलिस के अधिकारी लगातर क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं।

परिजनों का आरेाप, पुलिस की लापरवाही से ये हत्या की घटना हुई

परिजनों का आरोप, पुलिस की लापरवाही से हुई हत्या पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही से ये हत्या की घटना हुई है, हमें दोषियों का एनकाउंटर चाहिए। मृतक रामगोपाल मिश्रा की मां ने रोते हुए कहा कि मेरा बेटा तो चला गया, अब हम क्या करेंगे। हमें बस न्याय मिलना चाहिए। जैसे बेटे को मारा गया है, वैसी उनको (हत्यारों) सजा मिले। रामगोपाल के भाई ने कहा कि हम पुलिस की कार्यवाही से खुश नहीं हैं।

पत्नी ने सरकार से मांग की है कि आरोपित का एनकाउंटर होना चाहिए

छह माह पूर्व हुई थी शादी भाई ने बताया कि रामगोपाल की महज छह महीने पूर्व ही शादी हुई थी। पति की मौत से पत्नी रोली का हाल रो—रोकर बेहाल है। पत्नी ने सरकार से मांग की है कि आरोपित का एनकाउंटर होना चाहिए।प्रभावित क्षेत्रों में रखी जा रही पैनी नजर पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला का कहना है कि जनपद में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गये हैं। इंटरनेट सेवा अभी बहाल नहीं की गई है। सुरक्षा की दृष्टि से छह कंपनी पीएसी, एक कंपनी आरएएफ तथा स्थानीय पुलिस जवान और अधिकारी मुस्तैद हैं। चार आईपीएस रैंक के अफसर भी तैनात किए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में पैनी नजर रखी जा रही है।

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