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एसटीएफ ने कछुवे के साथ तीन को दबोचा

लखनऊ । यूपी एसटीएफ एवं वन विभाग के संयुक्त अभियान में भारी संख्या में कछुवे बरामद कर तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई है। गिरफ्तार अभियुक्तों का नाम विपिन पुत्र जगदीश निवासी- कोकपुरा, फ्रेंड्स कालोनी थाना, जनपद इटावा उत्तर प्रदेश,सुखदेव मण्डल पुत्र बाबू मण्डल निवासी- ट्रांजिट कैम्प रुद्रपुर, उधमसिंह नगर, उत्तराखण्ड, मनोज पुत्र जयराम निवासी- ट्रांजिट कैम्प रुद्रपुर, उधमसिंह नगर, उत्तराखण्ड है। इनके पास से सात कछुए, एक रेनो ट्रिबर यूके 6 बीबी-2394, एक आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, एक निर्वाचन कार्ड बरामद किया।

काफी दिनों से एसटीएफ की टीम कर रही थी इनकी तलाश

एसटीएफ उत्तर प्रदेश ने विगत वर्षाे में वन्य जीव अपराधियों के विरूद्ध अभियान चलाकर बड़ी संख्या में विभिन्न प्रजाति के वन्य जीवों को संरक्षित किया है। इसके अतिरिक्त अनेक प्रकरणों में प्रतिबन्धित वन्य जीवाें की खाल व हडडी इत्यादि बरामद करते हुए वन्य जीव अपराधियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की गयी है। विगत कुछ वर्षाे से एसटीएफ में वन्य जीव अपराधों के विरूद्ध कार्यवाही करने वाली टीम ने कई महत्वपूर्ण सफलतायें अर्जित की हैं, जिसमें कछुओं की बरामदगी भी उल्लेखनीय रही है।

कछुआ पकड़ने वाली टीम में यह रहे शामिल

कछुओं की विभिन्न प्रजातियों से समृद्ध पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हो रही कछुओं की व्यापक तस्करी की रोकथाम के लिए पुलिस उपाधीक्षक दीपक कुमार सिंह के निर्देशन में गठित टीम उ.नि. शिवेंद्र सिंह सेंगर, मु.आ. हरीश सिंह चौहान, मु.आ. कृष्णकान्त, मु.आ. धीरेन्द्र, द्वारा तस्करों के सम्बन्ध में जमीनी सूचना संकलित की जा रही थी कि आज गुरुवार को मुखबिर द्वारा प्राप्त एक निश्चित सूचना पर कार्यवाही करते हुुए एसटीएफ, यूपी की टीम ने उपरेाक्त तीन अभियुक्तों को जनपद लखनऊ में गिरफतार किया, जिनसे उपरोक्त बरामदगी हुयी।

यूपी के साथ अन्य राज्याें में कछुआ की करते थे तस्करी

पूछताछ पर गिरफ्तार अभियुक्त विपिन ने बताया कि उसका परिवार पूर्व से ही कछुआ तस्करी का कार्य कर रहा है। मेरे पिता जगदीश कछुआ तस्करी के केस में इटावा जेल में बंद हैं। मैं स्थानीय शिकारियों से कछुए खरीदकर करके उन्हें रुद्रपुर निवासी सुखदेव मण्डल के साथ विभिन्न प्रान्तों में भिजवाता हूं, जिन्हें पश्चिम बंगाल के बड़े व्यापारियों द्वारा विदेश भेजा जाता है।

बरामद कछुओं की देख-रेख एवं घायल कछुओं की प्राथमिक चिकित्सा के लिए वन विभाग एवं टर्टल सरवाईवल एलाइंस को सूचित कर दिया गया है। बरामद कछुओं को न्यायालय से आदेश प्राप्त होने के उपरान्त उनके नैसर्गिक वातावरण में छोड़ दिया जायेगा। इस गिरोह का अन्तर्राज्यीय विस्तार होने के कारण वाइल्ड लाइफ क्राइम कन्ट्रोल ब्यूरो को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए सूचना दी जा रही है।

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