होमउप्र न्यूज़बच्चों का पेट पालने के लिए बन गई स्कूटी चोर, गिरफ्तार

बच्चों का पेट पालने के लिए बन गई स्कूटी चोर, गिरफ्तार

लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के थाना विभूतिखण्ड पुलिस टीम द्वारा स्कूटी चोरी कर बेचने वाली अन्तर्जनपदीय शातिर महिला चोर गिरफ्तार किया है। पकड़े जाने पर महिला ने बताया कि उसका पति दिव्यांग है और बच्चे छोटे-छोटे हैं। ऐसे में बच्चों का पेट पालने के लिए वह स्कूटी चुराने लगी। पुलिस से कहा कि यह काम उसने मजबूरी में शुरू किया। उसे माफ कर दीजिए नहीं तो जेल चली जाऊंगी तो बच्चों का क्या होगा। साथ ही उसके पास से चोरी की छह  स्कूटी भी बरामद किया है।

सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से महिला की हुई पहचान


एडीसीपी पूर्व सय्यद अली अब्बास ने प्रेसवार्ता में बताया कि इसी 28 मार्च को विभवखंड निवासी विशाल सिंह ने घर के बाहर से स्कूटी चोरी होने का मुकदमा दर्ज कराया था। इसी के बाद से पुलिस स्कूटी चोर की तलाश में जुटी थी। जहां से स्कूटी चोरी हुई थी वहां के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया तो एक महिला की तस्वीर नजर आयी। इसी के आधार पर आरती पत्नी विजय यादव निवासिनी ग्राम टेरा थाना बीबीडी लखनऊ हालपता प्रेम बाग कालोनी निकट किंग जार्ज इण्टर कालेज थाना चिनहट उम्र 35 वर्ष को गिरफ्तार किया गया।  

पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ किया तब महिला ने खोला राज

इसके बाद जब उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने चोरी का सारा राज खोल दिया। मौके पर उसके कब्जे से चोरी की एक  स्कूटी बरामद की गयी। फिर उससे पूछताछ करने के बाद उसकी निशादेही पर अन्य पांच स्कूटियां बरामद की गयी। उसने स्कूटी चोरी करने के बाद घर में छिपाकर रखा था। पकड़ी गयी अभियुक्ता का बाद कराने चिकित्सीय विधिक परीक्षण आवश्यक विधिक कार्रवाई के लिए कोर्ट भेजा गया। इस प्रकार से पुलिस ने कुछ छह स्कूटी महिला से बरामद किया है।

महिला के अपराध का तरीका


एडीसीपी ने बताया कि पकड़ी गयी महिला ने बताया कि क्षेत्र में घूम-घूम कर गाड़ियों पर नजर रखती थी। जिस स्कूटी में लॉक नहीं होता उसे पैदल ले जाकर चाभी बनवा लेती थी। जिसमें चाभी में लगी होती है उसे चलाकर ले जाती हैं। पकड़ी गई  महिला सम्बन्ध में अन्य थाने से आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है। महिला पेशे से मजदूरी काम करती है।

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