होमदेश प्रदेशलोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को मंजूरी, जानिए इससे...

लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को मंजूरी, जानिए इससे किसे खतरा

एसएमयूपीन्यूज,ब्यूरो। संसद के मॉनसून सत्र का आज पांचवां दिन है। लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी है। मणिपुर मुद्दे पर कांग्रेस और बीआरएस ने अलग-अलग सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इसे स्वीकार करते हुए चर्चा के लिए मंजूरी दे दी।यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई द्वारा सदन में लाया गया है।

स्पीकर ने अविश्वास प्रस्ताव पर बहस की इजाजत दी

स्पीकर ने अविश्वास प्रस्ताव पर बहस की इजाजत दी। उन्होंने कहा कि इसपर विस्तृत चर्चा के बाद तारीख का एलान करूंगा। ओम बिरला ने कहा कि वह सभी दलों के नेताओं से बातचीत करके इस पर चर्चा की तिथि के बारे में अवगत कराएंगे। लोकसभा में शून्यकाल के दौरान बिरला ने कहा, मुझे सदन को सूचित करना है कि गौरव गोगोई से नियम 198 के तहत मंत्रिपरिषद में अविश्वास प्रस्ताव का अनुरोध प्राप्त हुआ है।बिरला ने कहा, इस प्रस्ताव को अनुमति दी जाती है। मैं सभी दलों के नेताओं से चर्चा करके उचित समय पर इस प्रस्ताव पर चर्चा कराने की तिथि के बारे में आप लोगों को अवगत करा दूंगा।

विपक्षी के अविश्वास प्रस्ताव को स्पीकर ने स्वीकार कर लिया

लोकसभा में नेता विपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मणिपुर हिंसा मामले पर हमारे पास अविश्वास प्रस्ताव का सहारा लेने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं होगा, क्योंकि मोदी सरकार मणिपुर के मुद्दे पर विपक्षी दलों की मांग स्वीकार नहीं कर रही है। विपक्ष यही मांग कर रहा है कि कम से कम पीएम मोदी को संसद में आकर बयान देना चाहिए, लेकिन इसके लिए वो तैयार नहीं है। ऐसे में विपक्षी दलों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने का कदम उठा रही है।विपक्षी के अविश्वास प्रस्ताव को स्पीकर ने स्वीकार कर लिया है।

अविश्वास प्रस्ताव का औंधे मुंह गिरना लगभग तय

विपक्षी अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद सरकार को साबित करना होगा कि उनके पास बहुमत है। मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का औंधे मुंह गिरना लगभग तय है। इसके बावजूद पूर्ण बहुमत वाली मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर विपक्षी दल क्या सियासी संदेश देना चाहते हैं?

मोदी सरकार के लिए कितना खतरा?

इस वक्त लोकसभा में एनडीए के पास 333 सांसद हैं, जिनमें बीजेपी के पास ही अकेले 301 सांसद है। इसके अलावा दूसरे 12 दलों के 32 सांसद सरकार के साथ हैं। वहीं विपक्षी दलों के पास 142 सांसद हैं, जिनमें कांग्रेस के पास 50 तो टीएमसी के पास 23 सांसद हैं। इसके अलावा डीएमके के पास 24 और जेडीयू के पास 16 सासंद हैं। इस तरह से 12 पार्टियों के कुल 142 सांसद हैं जो एनडीए से नंबर गेम में बहुत पीछे हैं। यानी बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के पास पर्याप्त बहुमत है।

RELATED ARTICLES

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular

Recent Comments