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योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: यूपी में 250 नई इलेक्ट्रिक बसें, 2.76 लाख छात्रों के लिए खुलेगा छात्रवृत्ति पोर्टल

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कैबिनेट ने 400 करोड़ रुपये की सरकारी धनराशि से ई-बस खरीद को दी मंजूरी, छात्रवृत्ति से वंचित पात्र विद्यार्थियों को मिलेगा दोबारा आवेदन का मौका

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने और छात्र हित में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने 400 करोड़ रुपये की सरकारी धनराशि से 250 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी दी है। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में तकनीकी और प्रक्रियागत कारणों से छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए 2,76,057 पात्र छात्रों के लिए छात्रवृत्ति पोर्टल दोबारा खोलने का निर्णय लिया गया है।

250 नई इलेक्ट्रिक बसों से मजबूत होगा रोडवेज का बेड़ा

वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बस बेड़े को मजबूत करने के लिए 250 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी। इनमें 50 सीटर 100 बसें और 41 सीटर 150 बसें शामिल होंगी।इन बसों की खरीद पर करीब 425.50 करोड़ रुपये का कुल व्यय संभावित है। इसमें राज्य सरकार 400 करोड़ रुपये उपलब्ध कराएगी, जबकि शेष करीब 25.50 करोड़ रुपये का खर्च उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम अपने संसाधनों से वहन करेगा।

प्रदूषण नियंत्रण और बेहतर सार्वजनिक परिवहन पर जोर

इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े में विस्तार से सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी। खासतौर पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के मद्देनजर यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई बसें प्रदेश से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को आधुनिक और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराने के साथ पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करेंगी।इन बसों के संचालन से प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए परिवहन सुविधाओं में भी सुधार होने की उम्मीद है। बस बेड़े के विस्तार से चालकों, परिचालकों और तकनीकी रखरखाव से जुड़े कर्मियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ यात्री सुविधाओं से जुड़े अन्य क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

2.76 लाख छात्रों के लिए फिर खुलेगा छात्रवृत्ति पोर्टल

कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न कारणों से छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ नहीं पा सके पात्र छात्रों को एक और अवसर देने का फैसला किया है। इसके लिए विशेष मामले के रूप में छात्रवृत्ति पोर्टल को दोबारा खोला जाएगा।योगी कैबिनेट बैठक में सरकार ने जिन प्रस्तावों पर मुहर लगाई है उनके संबंध में प्रेस कांफ्रेंस कर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विस्तार से जानकारी दी। वित्त मंत्री ने पत्रकारों को बताया कि मंत्रिमंडल के इस निर्णय से समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से संबंधित विभिन्न पात्र वर्गों के 2,76,057 छात्र लाभान्वित होंगे। इनके लिए कुल 551 करोड़ 85 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।

किस वर्ग के कितने छात्रों को मिलेगा लाभ

उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए स्वीकृत राशि में सामान्य वर्ग के 51,078 छात्रों के लिए 163.42 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति के 64,971 छात्रों के लिए 58.17 करोड़ रुपये, अनुसूचित जनजाति के 5,192 छात्रों के लिए 9.21 करोड़ रुपये और अन्य पिछड़ा वर्ग के 1,36,136 छात्रों के लिए 300 करोड़ रुपये शामिल हैं।इसी तरह अल्पसंख्यक वर्ग के 18,680 छात्रों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए 21.05 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे।

तकनीकी और प्रक्रियागत खामियों के कारण रुका था भुगतान

सुरेश खन्ना वित्तीय वर्ष 2025-26 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत कई पात्र छात्रों की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। कहीं शिक्षण संस्थानों से आवेदन अग्रसारित नहीं हुए, तो कहीं आवेदन में कमियों अथवा अन्य तकनीकी कारणों से पीएफएमएस स्तर पर भुगतान नहीं हो सका।कुछ मामलों में परीक्षा परिणाम समय से घोषित नहीं होने, जनपद स्तरीय समितियों में आवेदन लंबित रहने, फीस जमा नहीं होने और अन्य तकनीकी कारणों से भी पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि नहीं मिल पाई थी।

उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने ऐसे सभी पात्र छात्रों को राहत देने के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से 551.85 करोड़ रुपये खर्च करने की अनुमति दी है। विशेष मामले के रूप में छात्रवृत्ति पोर्टल दोबारा खोले जाने से पात्र छात्रों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने और लंबित लाभ प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

सरकार के दोनों फैसले जनकल्याण और सुविधा विस्तार से जुड़े हैं। एक ओर इलेक्ट्रिक बसों से सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने पर जोर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर छात्रवृत्ति पोर्टल दोबारा खोलकर पात्र छात्रों को प्रक्रियागत और तकनीकी कारणों से हुए नुकसान की भरपाई का रास्ता साफ किया गया है।

हरिद्वार तक बढ़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे, 08 मेगा परियोजनाओं को 2902 करोड़ के निवेश की मंजूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में औद्योगिक विकास, एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार और रोजगार सृजन को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने 10,761 करोड़ रुपये की लागत से गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक विस्तारित करने और 2,901.97 करोड़ रुपये के निवेश वाली आठ मेगा औद्योगिक परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की।

हरिद्वार तक विस्तारित होगा गंगा एक्सप्रेसवे

कैबिनेट ने गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक विस्तारित करने की मंजूरी दी है। प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण छह लेन में किया जाएगा, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। परियोजना पर राज्य सरकार का संभावित व्यय-भार 10,761 करोड़ रुपये होगा। इसमें केंद्र सरकार की किसी वित्तीय भागीदारी की अपेक्षा या प्रस्ताव नहीं है।कैबिनेट की मंजूरी के बाद परियोजना की डीपीआर तैयार करने सहित आगे की आवश्यक कार्यवाही शुरू की जाएगी।

बिजनौर से हरिद्वार की कनेक्टिविटी होगी आसान

गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार से बिजनौर जिले को हरिद्वार से तेज और बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे के माध्यम से बिजनौर की राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों से कनेक्टिविटी और सुगम होगी। इससे क्षेत्र में व्यापार, निवेश, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है। बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय लोगों के साथ कारोबारियों और पर्यटकों को भी लाभ मिलेगा।

प्रयागराज और हरिद्वार के बीच बनेगा तेज एक्सप्रेसवे कॉरिडोर

गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक पहुंचने से गंगा तट पर स्थित दो प्रमुख कुंभ नगरियों प्रयागराज और हरिद्वार के बीच नियंत्रित और तेज एक्सप्रेसवे कनेक्शन विकसित होगा। इससे धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए दोनों प्रमुख धार्मिक नगरियों के बीच आवागमन आसान होगा। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे से जुड़े क्षेत्रों में पर्यटन आधारित कारोबार और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।

आठ मेगा औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत आठ मेगा श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) जारी किए जाने की संस्तुति को भी मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में कुल 2,901.97 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।

मंजूरी प्राप्त प्रमुख परियोजनाओं में गौतमबुद्ध नगर में सूर्या ग्लोबल सुपर फ्लैक्सीफिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड का 605.37 करोड़ रुपये, हमीरपुर में शाल्विस स्पेशियलिटीज लिमिटेड का 297.30 करोड़ रुपये और हाथरस में साउंड कास्टिंग्स प्राइवेट लिमिटेड का 225 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है।

इसी तरह बाराबंकी में वृन्दावन बॉटलर्स प्राइवेट लिमिटेड 436.12 करोड़ रुपये, लखीमपुर खीरी में जुआरी एनविएन बायोएनर्जी प्राइवेट लिमिटेड 294.72 करोड़ रुपये, हाथरस में पसवारा पेपर्स लिमिटेड 315 करोड़ रुपये, मथुरा में सीआरडी फूड्स एंड बेवरेजेज लिमिटेड 363.94 करोड़ रुपये और उन्नाव में माउंट एवरेस्ट ब्रुअरीज लिमिटेड 363.52 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।

निवेश के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे

इन औद्योगिक परियोजनाओं को पात्रता के अनुसार नेट एसजीएसटी और पूंजीगत सब्सिडी जैसे नीति आधारित प्रोत्साहन मिलेंगे। सरकार का उद्देश्य बड़े औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के साथ प्रदेश में प्रतिस्पर्धी कारोबारी माहौल तैयार करना है।इन परियोजनाओं से गौतमबुद्ध नगर, हमीरपुर, हाथरस, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, मथुरा और उन्नाव समेत कई जिलों में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। नई इकाइयों की स्थापना और संचालन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

कनेक्टिविटी और निवेश के जरिए विकास को रफ्तार

कैबिनेट के दोनों फैसलों को प्रदेश में कनेक्टिविटी विस्तार और औद्योगिक निवेश बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एक ओर गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और धार्मिक पर्यटन को नई कनेक्टिविटी मिलेगी, वहीं दूसरी ओर मेगा औद्योगिक परियोजनाओं को प्रोत्साहन मिलने से विभिन्न जिलों में निवेश, उत्पादन और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और महिला सशक्तीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने तीन प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं में 2,606.04 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी देने के साथ ही 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को यूपी रोडवेज की सामान्य बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा देने का निर्णय लिया है।

तीन औद्योगिक परियोजनाओं में 2,606 करोड़ का निवेश

कैबिनेट ने एग्रिस्टो मासा प्राइवेट लिमिटेड, कैनपैक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और सुप्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड की परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) जारी किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इन तीनों परियोजनाओं से प्रदेश में कुल 2,606.04 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।इन परियोजनाओं की स्थापना बिजनौर, उन्नाव और कानपुर देहात में होगी। नीति के तहत पात्रता के अनुसार एफडीआई/एफसीआई और अन्य श्रेणियों में निवेशकों को प्रोत्साहन दिए जाएंगे।

उन्नाव में 1,573 करोड़ से बनेगी एल्युमिनियम कैन की इकाई

कैनपैक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा उन्नाव में एल्युमिनियम बेवरेज कैन के निर्माण की इकाई स्थापित की जाएगी। परियोजना में 1,573.62 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। यह इकाई यूपीडा के आईएमएलसी इंडस्ट्रियल कॉरिडोर क्षेत्र में करीब 26 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की जाएगी। इसकी अनुमानित वार्षिक उत्पादन क्षमता 130 करोड़ यूनिट होगी।

बिजनौर में बनेगी फ्रेंच फ्राइज की बड़ी इकाई

एग्रिस्टो मासा प्राइवेट लिमिटेड बिजनौर में अपनी मौजूदा आलू फ्लेक्स उत्पादन गतिविधियों का विस्तार करते हुए फ्रेंच फ्राइज की नई इकाई स्थापित करेगी। इस परियोजना में 794.27 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।प्रस्तावित इकाई की अधिकतम स्थापित उत्पादन क्षमता 75 हजार मीट्रिक टन प्रतिवर्ष होगी। इससे आलू आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा मिलने के साथ किसानों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

कानपुर देहात में सुप्रीम इंडस्ट्रीज का निवेश

सुप्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा कानपुर देहात में 238.15 करोड़ रुपये के निवेश से वैल्यू एडेड प्लास्टिक बिल्डिंग सॉल्यूशन उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। परियोजना के शुरू होने से जिले में विनिर्माण गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर बढ़ने की संभावना है।

महिलाओं को रोडवेज में मुफ्त यात्रा

कैबिनेट ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की सामान्य बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा देने को मंजूरी दी है। यह निर्णय लोक कल्याण संकल्प-2022 के तहत ‘सशक्त नारी’ के संकल्प को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।सरकार के अनुमान के अनुसार प्रतिदिन करीब 88,438 महिला यात्रियों को इस सुविधा का लाभ मिल सकता है। इससे वरिष्ठ महिलाओं को नियमित आवागमन में होने वाले खर्च से राहत मिलेगी और सार्वजनिक परिवहन तक उनकी पहुंच आसान होगी।

विशेष स्मार्ट कार्ड से मिलेगी मुफ्त यात्रा की सुविधा

निशुल्क यात्रा व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए परिवहन निगम की ओर से पात्र महिलाओं को विशेष स्मार्ट कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे। स्मार्ट कार्ड के माध्यम से पात्र यात्रियों की पहचान और निशुल्क यात्रा की व्यवस्था को व्यवस्थित किया जाएगा।इस योजना से सरकार पर करीब 22.55 करोड़ रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। सरकार का मानना है कि इस फैसले से वरिष्ठ महिलाओं को आवागमन में आर्थिक राहत के साथ अधिक स्वतंत्रता और सुविधा मिलेगी।

निवेश और जनकल्याण पर योगी कैबिनेट का जोर

योगी कैबिनेट के दोनों फैसले प्रदेश में औद्योगिक विकास और सामाजिक कल्याण को समानांतर गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। एक ओर तीन नई औद्योगिक परियोजनाओं के जरिए विनिर्माण, निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ महिलाओं के लिए नि:शुल्क रोडवेज यात्रा से उन्हें आर्थिक राहत और बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

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