रक्षाबंधन से पहले योगी सरकार ने बुजुर्ग महिलाओं को दी बड़ी सौगात
27 में से 24 प्रस्तावों को मंजूरी, लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना को भी मिली स्वीकृति
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 27 में से 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को रोडवेज बसों में आजीवन निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना’ को मंजूरी दी है। इसके तहत प्रदेश की 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में जीवनभर मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी।
एक करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभ
सरकार के इस फैसले से प्रदेश की एक करोड़ से अधिक बुजुर्ग महिलाओं को लाभ मिलने का अनुमान है। यात्रा के दौरान पात्र महिलाओं को अपनी आयु और पहचान प्रमाणित करने के लिए आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र दिखाना होगा।
कैबिनेट का यह फैसला महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ वरिष्ठ नागरिक महिलाओं की आवाजाही को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।रक्षाबंधन से पहले योगी सरकार की ओर से लिए गए इस फैसले को महिलाओं के लिए बड़ी सौगात के तौर पर देखा जा रहा है।
झांसी लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के विकास प्रस्ताव को मंजूरी
उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और मजबूत करने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने झांसी लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के विकास प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 7,968.30 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। परियोजना का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
106.30 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के चैनेज 170+300 पर जालौन जिले के ग्राम फूलपुरा के निकट से शुरू होगा। यह उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर यानी राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर अंबाबाई, झांसी तक जाएगा। परियोजना को शुरुआत में प्रवेश नियंत्रित 6-लेन एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसे भविष्य में 8-लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा।
इसकी डिजाइन स्पीड 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। एक्सप्रेसवे जालौन जिले के उरई क्षेत्र और झांसी की गरौठा, टहरौली, मोठ व झांसी प्रथम तहसीलों से होकर गुजरेगा। इसके लिए 110 मीटर चौड़ा राइट ऑफ वे अधिग्रहित किया जाएगा।
वित्तीय मूल्यांकन के बाद परियोजना को पीपीपी के बजाय ईपीसी यानी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन पद्धति से विकसित करने का फैसला किया गया है। निर्माण कार्य दो पैकेजों में कराया जाएगा। झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के बनने से गरौठा के पास विकसित हो रहे डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर नोड और बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) क्षेत्र को देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क से सीधी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा झांसी किला, ओरछा के श्रीरामराजा मंदिर, दतिया पीताम्बरा पीठ और सोनागिर जैन तीर्थ जैसे प्रमुख धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंच भी आसान और सुरक्षित होगी।
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