ISI के निर्देश पर युवाओं को रेडिक्लाइज करने का आरोप, सोशल मीडिया के जरिए आतंकी गतिविधियों के लिए उकसाने का दावा; ATS-STF की कार्रवाई जारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस ने पाकिस्तान के कथित गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों के युवाओं को अपने संपर्क में लाकर उन्हें रेडिक्लाइज करने और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए प्रेरित करने का प्रयास कर रहा था। युवाओं को धन और काम का लालच देकर कथित तौर पर हिंसक गतिविधियों के लिए तैयार किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क का उद्देश्य देश में सामाजिक सौहार्द, एकता, अखंडता, संप्रभुता और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के साथ भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को अस्थिर करना है। नेटवर्क के खिलाफ यूपी पुलिस और उसकी विशिष्ट इकाइयां एटीएस एवं एसटीएफ लगातार सूचनाएं विकसित कर कार्रवाई कर रही हैं।
सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़ने का आरोप
उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार, शहजाद भट्टी नेटवर्क में आबिद जट्ट, हम्माद मेमन उर्फ हम्माद बरकाती, जावेद पाकिस्तानी, रजा भाई पाकिस्तानी, अजमल गुर्जर पाकिस्तानी, राशिद भट्टी, राणा हुनैन, मेजर इकबाल, मेजर हमीद और मेजर अनवर समेत कई नाम सक्रिय सदस्यों के रूप में सामने आए हैं।
पुलिस का आरोप है कि नेटवर्क के सदस्य सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं से संपर्क करते हैं। इसके बाद उन्हें धन और रोजगार का लालच देकर कथित तौर पर कट्टरपंथ की ओर धकेला जाता है। पुलिस के मुताबिक, युवाओं को एक्स-मुस्लिम, हिंदू धार्मिक नेताओं, राजनेताओं और पुलिसकर्मियों को धमकी देने या हत्या करने के लिए उकसाने की कोशिश की जाती है।इसके अलावा बीजेपी और आरएसएस के कार्यालयों, पुलिस स्टेशनों तथा अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए बम, ग्रेनेड और पेट्रोल बम जैसे साधनों के इस्तेमाल के लिए भी प्रेरित किए जाने का आरोप है।
छोटी गतिविधियों के बाद बड़ी वारदात की तैयारी का दावा
यूपी पुलिस के मुताबिक, नेटवर्क से जुड़े लोग युवाओं से पहले छोटी-छोटी आपराधिक अथवा आतंकी गतिविधियां कराने का प्रयास करते हैं। इनमें संवेदनशील स्थानों की रैकी, आगजनी, धमकी देना, जिहादी पोस्टर चिपकाना और पेट्रोल बम फेंकने जैसी गतिविधियां शामिल बताई गई हैं।पुलिस का दावा है कि इन गतिविधियों के बाद युवाओं से बड़ी आतंकी घटनाएं कराने की कोशिश की जाती है। इसी आशंका को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों और उनके डिजिटल संपर्कों की जांच कर रही हैं।
26 मई को प्रदेश स्तर पर चलाया गया समन्वित ऑपरेशन
पुलिस के अनुसार, शहजाद भट्टी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए 26 मई 2026 को उत्तर प्रदेश पुलिस ने केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ मिलकर प्रदेश स्तर पर समन्वित ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान नेटवर्क से जुड़े करीब 175 संदिग्धों की जांच-पड़ताल की गई।जांच के दौरान मिले महत्वपूर्ण तथ्यों के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर मुकदमे दर्ज किए गए और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
12 मुकदमे दर्ज, 52 आरोपी गिरफ्तार
यूपी पुलिस के मुताबिक, विभिन्न स्तरों से प्राप्त खुफिया सूचनाओं और अपने स्तर पर विकसित की गई जानकारी के आधार पर प्रदेश में अब तक 12 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में कुल 52 आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने पिस्टल, जिंदा कारतूस, चाकू, ज्वलनशील लिक्विड और आपत्तिजनक पोस्टर समेत अन्य सामग्री बरामद किए जाने का दावा किया है।इसके अलावा नेटवर्क के खिलाफ अलग-अलग अभियानों में करीब 60 संदिग्धों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई भी की गई है।
स्वतंत्रता दिवस से पहले भी चला बड़ा अभियान
पुलिस के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस की संवेदनशीलता को देखते हुए 12 अगस्त 2026 को भी प्रदेश स्तर पर संयुक्त अभियान चलाया गया। इसमें यूपी पुलिस द्वारा विकसित सूचनाओं, सोशल मीडिया गतिविधियों, विवेचना में सामने आए तथ्यों और केंद्रीय इकाइयों से प्राप्त इनपुट का इस्तेमाल किया गया।इस अभियान के दौरान शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े और उसके निर्देश पर कथित तौर पर राष्ट्रविरोधी अथवा आतंकी गतिविधियों में संलिप्त करीब 62 लोगों को चिह्नित कर पूछताछ की गई।
गृह मंत्रालय से आतंकी घोषित करने की मांग
उत्तर प्रदेश पुलिस ने जुलाई 2026 में गृह मंत्रालय, भारत सरकार को पत्र भेजकर शहजाद भट्टी नेटवर्क और उसके सदस्यों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।पुलिस ने विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम-1967 की धारा 35 के तहत केंद्र सरकार से शहजाद भट्टी नेटवर्क और उसके सदस्यों को आतंकी घोषित कर यूएपीए की चौथी अनुसूची में शामिल करने का आग्रह किया है।
कई धाराओं में दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस के अनुसार, नेटवर्क से जुड़े मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), यूएपीए, आर्म्स एक्ट और अन्य संबंधित कानूनों की धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। कुछ मामलों में सरकारी गुप्त बात अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी कानून से संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं।इनमें एटीएस थाना लखनऊ के अलावा हापुड़, बिजनौर, कौशांबी, गाजियाबाद और अन्य स्थानों के थानों में दर्ज मामले शामिल हैं।
डिजिटल और जमीनी नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही एजेंसियां
जांच एजेंसियां नेटवर्क के डिजिटल संपर्कों, सोशल मीडिया गतिविधियों, संदिग्ध मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और अन्य माध्यमों की जांच कर रही हैं। पुलिस का प्रयास है कि नेटवर्क के संपर्क में आए युवाओं तक पहुंचने के साथ-साथ उन्हें कथित तौर पर निर्देश देने और आर्थिक मदद पहुंचाने वाले लोगों की भूमिका भी सामने लाई जा सके।उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है कि शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है और आने वाले दिनों में जांच से जुड़े अन्य तथ्यों के आधार पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़े : तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा और भ्रष्टाचार मुक्त शासन का संकल्प: सीएम विजय
यह भी पढ़े : योगी बोले- यूपी अब ‘उपद्रव प्रदेश’ नहीं, ‘उत्सव प्रदेश’, सुशासन मॉडल के रूप में बना रहा पहचान









