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मोहर्रम पर सख्त निर्देश: शक्ति प्रदर्शन नहीं, मातम का अवसर, नीट अभ्यर्थियों को बस किराये में 50% छूट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी मोहर्रम को लेकर अधिकारियों को दिये सख्त निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी मोहर्रम पर्व को लेकर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मोहर्रम मातम और श्रद्धा का अवसर है, न कि शक्ति प्रदर्शन का। इसलिए जुलूसों में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन, नई परंपराओं की शुरुआत तथा कानफोड़ू डीजे, ढोल-ताशों के अनियंत्रित उपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी।

मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) तथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

अधिकारियों को पहले से संवाद स्थापित करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मोहर्रम के आयोजन से पहले धर्मगुरुओं, ताजिया समितियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित करें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी जिले में शांति और सौहार्द का वातावरण प्रभावित न हो तथा कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने की किसी भी कोशिश को सख्ती से रोका जाए।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी धर्मों और आस्थाओं का सम्मान करती है, लेकिन किसी भी स्थिति में नई परंपरा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पिछले वर्षों में जिन मार्गों और व्यवस्थाओं के तहत जुलूस निकाले गए हैं, उनका पालन सुनिश्चित किया जाए।

अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन पर पूर्ण रोक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मोहर्रम जुलूसों में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों की आड़ में शक्ति प्रदर्शन या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

डीजे और ढोल-ताशों के अनियंत्रित उपयोग पर नियंत्रण

मुख्यमंत्री ने पूर्व की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कानफोड़ू डीजे, अत्यधिक ध्वनि विस्तारक यंत्रों और ढोल-ताशों के अनियंत्रित उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। उन्होंने कहा कि ध्वनि प्रदूषण संबंधी निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन कराया जाए ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने के निर्देश

सुरक्षा के दृष्टिकोण से मुख्यमंत्री ने ताजियों की ऊंचाई को लेकर भी विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव के लिए ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखी जाए तथा 10 से 12 फीट से अधिक ऊंची ताजियों की अनुमति न दी जाए। इससे विद्युत लाइनों और अन्य संरचनाओं से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा।

नीट अभ्यर्थियों को रोडवेज बसों में 50 प्रतिशत किराया छूट

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने 21 जून को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 59 जनपदों में आयोजित इस परीक्षा में लगभग साढ़े तीन लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे।उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की बसों में प्रवेश पत्र दिखाने पर किराये में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाए। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने वाले विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।

जरूरतमंद छात्रों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अभ्यर्थी दूसरे जनपदों में परीक्षा देने जाएंगे और जिनके पास ठहरने की व्यवस्था नहीं होगी, उनके लिए स्थानीय प्रशासन आवश्यक अस्थायी आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराए। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा में शामिल होने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप परीक्षा की शुचिता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी और व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर परीक्षा या त्योहारों से संबंधित अफवाह, भ्रामक जानकारी अथवा गलत सूचनाएं फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखने तथा ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों और महत्वपूर्ण परीक्षाओं के दौरान प्रशासन पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करे, ताकि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सुचारु व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें।

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