लखनऊ। राजधानी के बिजनौर इलाके में महिलाओं को निशाना बनाकर जेवर लूटने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। खास बात यह है कि यह गिरोह किन्नर बनकर वारदात को अंजाम देता था, जिससे लोग आसानी से इनके झांसे में आ जाते थे। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर इस सनसनीखेज लूटकांड का खुलासा करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
सुबह की सैर बनी खौफनाक
घटना 4 मई की सुबह की है, जब दो महिलाएं मॉर्निंग वॉक पर निकली थीं। तभी वैगनआर कार सवार कुछ लोग उनके पास पहुंचे और शादी का बहाना बनाकर बातचीत शुरू की। देखते ही देखते माहौल बदल गया आरोपियों ने महिलाओं को डराया-धमकाया और झपट्टा मारकर मंगलसूत्र व कान की बालियां छीन लीं फिर कार में बैठकर फरार हो गए।
100 CCTV खंगालकर पुलिस ने पकड़ा सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत टीमें गठित कीं और 100-150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। कड़ी मेहनत के बाद आरोपियों की पहचान हुई और अलीनगर खुर्द अंडरपास के पास से तीनों को दबोच लिया गया।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी
अजय रावत उर्फ रानी (ट्रांसजेंडर), आकाश गुप्ता उर्फ कम्मो (ट्रांसजेंडर) व रफीक अहमद हैं, जबकि गिरोह का एक सदस्य अन्नू अभी फरार है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मंगलसूत्र (पीली धातु), 2 जोड़ी कान की बालियां और वारदात में इस्तेमाल वैगनआर कार बरामद की है।
ऐसे चलता था गिरोह का खेल
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ आरोपी किन्नर होने का फायदा उठाकर महिलाओं के करीब पहुंचते थे । पहले शादी या मांगलिक कार्यक्रम का बहाना बनाते। पैसे न मिलने पर अशोभनीय हरकतें कर दबाव बनाते और आखिर में डराकर जेवर लूट लेते थे । विरोध करने पर मारपीट तक पर उतर आते थे। इस मामले में थाना बिजनौर में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अभी फरार आरोपी की तलाश जारी। गिरोह के अन्य नेटवर्क की भी जांच। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं यह गैंग और घटनाओं में शामिल तो नहीं।
