लखनऊ। राजधानी लखनऊ में गिरफ्तार संदिग्ध आतंकियों से जुड़े मामले में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। एटीएस जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन से कई अहम ऑडियो क्लिप बरामद हुई हैं, जिनमें पाकिस्तानी हैंडलर्स द्वारा हमले की पूरी साजिश और निर्देश दिए गए थे।

ऑडियो क्लिप में खुली साजिश

जांच एजेंसियों के अनुसार, इन ऑडियो रिकॉर्डिंग में हैंडलर्स ने रेकी करने के स्थान, टारगेट और हमले को अंजाम देने के तरीके तक विस्तार से बताए थे। इतना ही नहीं, विस्फोट के बाद होने वाली तबाही के वीडियो बनाकर भेजने के भी निर्देश दिए गए थे।

लखनऊ था पहला टारगेट

सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों को पहली बड़ी वारदात लखनऊ में करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद अलीगढ़, गाजियाबाद और कई धार्मिक शहर भी निशाने पर थे। रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों को खास तौर पर टारगेट किया गया था।

दुबई से ऑपरेट हो रहा नेटवर्क

जांच में सामने आया है कि इस पूरे मॉड्यूल का मास्टरमाइंड आकिब दुबई में बैठकर ऑपरेट कर रहा था, जबकि पाकिस्तानी हैंडलर्स लगातार संपर्क में थे। आरोपी साकिब हर गतिविधि की जानकारी विदेश में बैठे आकिब और अन्य हैंडलर्स को दे रहा था।

फंडिंग का भी खुलासा

एटीएस को जानकारी मिली है कि आरोपियों के खातों में संदिग्ध लेन-देन हुआ है। साकिब ने अपने और अपने साथियों के खातों में रकम ट्रांसफर कराई थी। अब एजेंसियां बैंकों से डिटेल मंगाकर फंडिंग नेटवर्क की जांच कर रही हैं।

बड़े हमले की थी तैयारी

गिरफ्तार आरोपियों—साकिब उर्फ डेविड, विकास गहलावत उर्फ रौनक, लोकेश उर्फ पपला और अरबाज—के इरादे बेहद खतरनाक बताए जा रहे हैं। ये सभी लखनऊ में बैठक कर बड़े हमले की योजना बनाने की फिराक में थे।

रिमांड पर होगी गहन पूछताछ, समय रहते टली बड़ी साजिश

एटीएस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से और बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल एजेंसी पूरे नेटवर्क, फंडिंग और अन्य जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है।यूपी एटीएस की तत्परता से एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया, जिससे संभावित बड़े नुकसान को टाल दिया गया।

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