लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद आशा वर्करों का मानदेय दोगुना किया गया है। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रोत्साहन राशि 1000 से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रतिमाह की गई
उन्होंने बताया कि वर्तमान में आशा वर्करों को कार्य के सापेक्ष 3500 रुपये प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसके अलावा अन्य गतिविधियों के लिए अलग से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2018 में नियमित गतिविधियों हेतु प्रोत्साहन राशि 1000 से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रतिमाह की गई, जबकि वर्ष 2022 से राज्य सरकार ने अपनी ओर से दी जाने वाली राशि 750 से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह कर दी है।
आशा वर्करों को मातृत्व अवकाश भी दिया जा रहा
अवधी में बोलते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा कि आशा वर्करों को मातृत्व अवकाश भी दिया जा रहा है। 2027 के चुनाव को लेकर विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के सपने “मुंगेरी लाल के हसीन सपने” साबित होंगे।यह जवाब सपा विधायक डॉ. राकेश कुमार वर्मा के प्रश्न पर दिया गया। वहीं सपा सदस्य संदीप सिंह ने सीएचसी में एएनएम के ठहरने की सुविधा का मुद्दा उठाया, जिस पर उपमुख्यमंत्री ने बताया कि एएनएम के लिए कमरों की व्यवस्था की जाती है।
500 शिकायतों में 170 अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त
निजी अस्पतालों पर कार्रवाई के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मानकों के विपरीत चल रहे अस्पतालों के खिलाफ अभियान चलाया गया। 500 शिकायतों में 170 अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त किए गए, सुनवाई के बाद 59 को दोबारा संचालन की अनुमति दी गई। 281 अस्पतालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई, 426 पैथोलॉजी लैब को नोटिस और 91 को सील किया गया।चित्रकूट में मेडिकल कॉलेज स्थापना के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि सरकार सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने की दिशा में कार्य कर रही है और चित्रकूट भी एजेंडे में शामिल है।
अनियमित दिनचर्या के कारण स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही
युवाओं के स्वास्थ्य पर बोलते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा कि जंक फूड और अनियमित दिनचर्या के कारण स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने युवाओं से समय पर सोने-जागने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की अपील की।सत्र की शुरुआत में सपा सदस्य डॉ. रागिनी के प्रश्न का उत्तर बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने दिया। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने अनुपूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा कि बच्चों में कुपोषण और कम वजन की समस्या में सुधार हुआ है।
