लखनऊ। उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनाने, प्रिंटिंग और डिलीवरी का काम देख रही तीन निजी एजेंसियों में से एक फोकाम नेट पर कर्मचारियों की भर्ती में धांधली और वसूली का गंभीर आरोप लगा है। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले में तत्काल जांच की मांग की है।

राशिद फारुकी ने दर्जनों कर्मचारियों को नियुक्त किया

त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि कंपनी में मुख्तार अंसारी के गुर्गे राशिद फारुकी को नियुक्त कर कर्मचारियों से पैसा वसूला जा रहा है। आरोप है कि फोकाम नेट ने कानपुर और आगरा जोन के 25 जिलों में 125 प्राइवेट कर्मचारियों की भर्ती की, जिसमें भारी रकम की वसूली की गई।सूत्रों के अनुसार, विशेष रूप से मऊ जिले में राशिद फारुकी ने दर्जनों कर्मचारियों को नियुक्त किया और उनके एवज में मोटी रकम वसूली। कंपनी के मैनेजर तुषार गर्ग और सुभाष गिरि कथित तौर पर कर्मचारियों से उनकी तनख्वाह का हिस्सा वसूल रहे थे। कर्मचारियों को पहले 13 हजार रुपये जमा कराने के लिए कहा गया और फिर वही राशि उनके खातों में सैलरी के रूप में भेजी जा रही थी।

अन्य सिस्टम खरीदने के लिए दबाव डालने का भी आरोप

इसके अलावा, कर्मचारियों पर DL बनाने में इस्तेमाल होने वाले कंप्यूटर, वेबकैम और अन्य सिस्टम खरीदने के लिए दबाव डालने का भी आरोप है। इस मामले पर पहले 12 जनवरी को अमर उजाला ने खबर प्रकाशित की थी।कर्मचारियों ने वसूली की शिकायत की तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया, जिससे करीब 15 निजी कर्मचारी अब मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। भाजपा नेता आकाश राय ने भी इस मामले में पत्र लिखा है।परिवहन विभाग और फोकाम नेट की ओर से इस मामले पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सूत्रों का कहना है कि अगर जांच नहीं हुई तो यह भ्रष्टाचार और वसूली का मामला और बढ़ सकता है।

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