लखनऊ। शाइन सिटी इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े करोड़ों रुपये के निवेश घोटाले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) लखनऊ की टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। लंबे समय से फरार चल रहे वांछित अभियुक्त नेकपाल सिंह उर्फ निक्की को सोमवार को लखनऊ के कृष्णानगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।
कंपनी के निदेशक और अन्य पदाधिकारी कार्यालय बंद कर फरार हो गए
ईओडब्ल्यू के अनुसार शाइन सिटी इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में सस्ते भूखंड, प्लॉट आवंटन और अन्य प्रलोभनकारी योजनाओं के नाम पर निवेशकों से करोड़ों रुपये जमा कराए। निवेश के बाद न तो निवेशकों को भूखंड दिए गए और न ही उनकी जमा धनराशि वापस की गई। इसके बाद कंपनी के निदेशक और अन्य पदाधिकारी कार्यालय बंद कर फरार हो गए।
कुछ ही महीनों में पैसा दोगुना होने जैसे झूठे वादे करता था
गिरफ्तार अभियुक्त नेकपाल सिंह पुत्र बैजनाथ सिंह, निवासी ग्राम गागन, थाना माल, जनपद लखनऊ का रहने वाला है। वह शाइन सिटी के लखनऊ स्थित आर स्क्वायर, विपुल खंड कार्यालय में एसोसिएट के पद पर तैनात था। आरोप है कि वह आम जनता और निवेशकों को गुमराह कर धन निवेश कराता था और कुछ ही महीनों में पैसा दोगुना होने जैसे झूठे वादे करता था।
मामले की जांच ईओडब्ल्यू को सौंप दी गई
इस संबंध में थाना गोमतीनगर, जनपद लखनऊ में वर्ष 2020 में मु0अ0सं0 05/2020 धारा 409, 420, 467, 468, 471 और 120बी भारतीय दंड संहिता के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। प्रारंभिक विवेचना जनपद स्तर पर हुई, बाद में शासन के आदेश पर मामले की जांच ईओडब्ल्यू को सौंप दी गई।
उसने अपना नाम बदलकर हर्षित सिंह रख लिया था
मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही अभियुक्त फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना नाम बदलकर हर्षित सिंह रख लिया था। वर्तमान में वह WIN-MORE नामक रियल एस्टेट कंपनी में कार्य कर रहा था। ईओडब्ल्यू टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर उसे 9 फरवरी 2026 को अपराह्न में कोतवाली कृष्णानगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया।ईओडब्ल्यू अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ की जा रही है और उसके नेटवर्क व अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी जारी है।
