लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमण्डल का बजट सत्र-2026 आगामी 09 फरवरी से 20 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। सत्र के दौरान माननीय मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों तथा सदन की कार्यवाही की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने अभूतपूर्व और कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं।
सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा
प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि सदन की गरिमा, अनुशासन और सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।विधान भवन एवं आसपास के क्षेत्र को 04 जोन और 10 सेक्टर में विभाजित किया गया है। किसी भी प्रकार के अनधिकृत धरना-प्रदर्शन, अव्यवस्था या सुरक्षा में सेंध को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
भारी पुलिस बल की तैनाती
सुरक्षा व्यवस्था की कमान वरिष्ठ अधिकारियों के हाथों में रहेगी।
04 अपर पुलिस उपायुक्त (ADCP) और 11 सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) तैनात
06 कंपनियाँ पीएसी/आरआरएफ और 03 विशेष एटीएस कमांडो टीमें
एलआईयू (LIU), 18 DFMD, 02 बम निरोधक दस्ता (BDDS), 01 एंटी-माइन टीम और 04 एंटी-सैबोटाज चेक टीमें सक्रिय
कुल मिलाकर 31 निरीक्षक, 274 उप-निरीक्षक, 601 मुख्य आरक्षी/आरक्षी, 124 महिला आरक्षी और 67 होमगार्ड तैनात किए गए हैं।
यातायात और तकनीकी निगरानी
विधानसभा सत्र के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए
13 निरीक्षक, 63 उप-निरीक्षक, 195 पुलिसकर्मी और 67 होमगार्ड यातायात ड्यूटी में लगाए गए हैं।
पूरे क्षेत्र में 24×7 सीसीटीवी निगरानी की जा रही है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी 24 घंटे डिजिटल निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी अफवाह या आपत्तिजनक गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
संयुक्त ब्रीफिंग
सभी पुलिस, प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई है, जिसमें ड्यूटी प्वाइंट, रूट प्लान, वीवीआईपी प्रोटोकॉल, आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने की रणनीति
पर विस्तृत निर्देश दिए गए।
ट्रैफिक डायवर्जन
सत्र अवधि में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू रहेगा। आम जनता की सुविधा के लिए अलग से यातायात परामर्श (Traffic Advisory) जारी की जा रही है।पुलिस प्रशासन ने जनसाधारण से अपील की है कि वे यातायात डायवर्जन का पालन करें, अफवाहों से बचें और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें, ताकि विधानसभा सत्र शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।
