मथुरा। यमुना एक्सप्रेस-वे पर शनिवार तड़के ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक ही पल में छह जिंदगियां छीन लीं। सुरीर थाना क्षेत्र में माइल स्टोन 88 के पास एक बेकाबू कंटेनर ने बस से उतरकर खड़े यात्रियों को कुचल दिया। हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक यात्री जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।

बस के कुछ यात्री लघुशंका के लिए नीचे उतरे थे

शनिवार तड़के करीब 2:45 बजे दिल्ली से कानपुर जा रही बस के कुछ यात्री लघुशंका के लिए नीचे उतरे थे। नियमों को ताक पर रखकर बस चालक ने ग्रीन जोन में बस रोकने की बजाय एक्सप्रेस-वे के किनारे ही वाहन खड़ा कर दिया। तभी पीछे से मौत बनकर आए तेज रफ्तार कंटेनर ने पहले बस को जोरदार टक्कर मारी और फिर यात्रियों को रौंदते हुए आगे बढ़ गया।हादसे के बाद सड़क पर चारों ओर लहूलुहान शव बिखर गए। चीख-पुकार, अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। राहगीर सन्न रह गए। कुछ ही मिनटों में यमुना एक्सप्रेस-वे खून से लाल हो गया।

इनकी गई जान

इस भीषण हादसे में सोनू (औरैया), देवेश (बस्ती), असलम (कन्नौज), संतोष (दिल्ली), अनुराग (औरैया) और प्रमोद (फिरोजाबाद) की मौके पर ही मौत हो गई। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

हाईवे पर थम गई सांसें, जाम में फंसे वाहन

हादसे के बाद एक्सप्रेस-वे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। घंटों मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात बहाल कराया गया।

ड्राइवर की लापरवाही बनी मौत की वजह

प्रारंभिक जांच में साफ हुआ है कि बस चालक की लापरवाही ने यात्रियों की जान ले ली। एक्सप्रेस-वे पर केवल ग्रीन जोन में ही रुकने के नियम हैं, लेकिन नियमों की अनदेखी ने इस दर्दनाक हादसे को जन्म दिया।

सीएम योगी ने लिया संज्ञान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक जताते हुए अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घायलों के समुचित इलाज और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

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