लखनऊ। राजधानी लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के निर्देशक और उनकी टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि फिल्म के शीर्षक और कंटेंट के जरिए एक विशेष जाति को लक्षित करते हुए उसकी भावनाओं को आहत किया गया है और समाज में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की गई है।

पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी आधिकारिक बयान

लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि समाज में शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस के अनुसार फिल्म का शीर्षक एक विशेष जाति—ब्राह्मण समाज—को अपमानित करने के उद्देश्य से रखा गया है, जिससे समाज में भारी रोष और आक्रोश की स्थिति उत्पन्न हुई है।बयान में यह भी कहा गया है कि प्रारंभिक जांच में यह प्रतीत होता है कि फिल्म के निर्देशक और उनकी टीम द्वारा जानबूझकर ऐसी सामग्री प्रकाशित की गई है, जिसका उद्देश्य समाज में वैमनस्य फैलाना, शांति व्यवस्था भंग करना और सांप्रदायिक व जातिगत सौहार्द को नुकसान पहुंचाना है।

तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी

पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि किसी भी समुदाय की धार्मिक या जातिगत भावनाओं को आहत करने और सामाजिक शांति के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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