शामली । जिले के झिंझाना थाना क्षेत्र में बृहस्पतिवार देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश रिहान मारा गया। मुठभेड़ के दौरान बदमाश की गोली लगने से शामली कोतवाली में तैनात सिपाही सुमित बैसला घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रिहान का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।

पुलिस को यह मिली सूचना

पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह ने बताया कि देर रात सूचना मिली थी कि झिंझाना से कसेरवा गांव की ओर जाने वाले मार्ग पर बाइक सवार दो बदमाश लूट की फिराक में खड़े हैं। सूचना के आधार पर कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त रूप से घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसी दौरान सिपाही सुमित बैसला गोली लगने से घायल हो गया।

पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दिल्ली के ओखला क्षेत्र स्थित जाकिर नगर, गली नंबर-21 निवासी 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश रिहान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही एसपी एनपी सिंह मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बदमाश के कब्जे से 9 एमएम की पिस्टल बरामद

एसपी ने बताया कि मारा गया बदमाश रिहान शातिर अपराधी था, जिसके खिलाफ शामली, बागपत, गाजियाबाद, दिल्ली और हरियाणा में लूट, डकैती और स्नैचिंग समेत विभिन्न धाराओं में 90 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। पुलिस उसके आपराधिक इतिहास की विस्तृत जांच कर रही है। बदमाश के कब्जे से 9 एमएम की पिस्टल और एक बाइक बरामद की गई है।

फतेहपुर में की थी लूट

पुलिस के अनुसार, बृहस्पतिवार शाम फतेहपुर निवासी राहुल अपने दोस्त के साथ बाइक से शामली से फतेहपुर जा रहा था। रास्ते में रिहान और उसके साथी ने पिस्टल के बल पर उनसे नकदी, मोबाइल फोन और अंगूठी लूट ली थी। पीड़ित की शिकायत पर बाबरी थाने में मामला दर्ज किया गया था। मुठभेड़ के बाद बदमाश के पास से लूटा गया मोबाइल फोन, अंगूठी और अन्य सामान बरामद कर लिया गया है।

पहले भी कर चुका था वारदात

पुलिस ने बताया कि दिसंबर माह में रिहान ने अपने गिरोह के सदस्यों के साथ झिंझाना क्षेत्र में एक दंपती से लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इस मामले में भी झिंझाना थाने में मुकदमा दर्ज था। लगातार आपराधिक गतिविधियों के चलते उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

10 वर्षों से संभाल रहा था गिरोह

पुलिस के मुताबिक, रिहान पिछले दस वर्षों से अधिक समय से अपने गिरोह का संचालन कर रहा था। वह कुख्यात याहिया गैंग के संपर्क में था और उसके साथ मिलकर शामली व आसपास के जिलों में लूट और स्नैचिंग की कई घटनाओं को अंजाम दे चुका था। पुलिस का मानना है कि रिहान के मारे जाने से क्षेत्र में सक्रिय लूट गिरोह को बड़ा झटका लगा है।

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