फिरोजाबाद। यूपी के फिरोजाबाद जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। मोहल्ला जिजौली में सोमवार को रिश्तों की सबसे खौफनाक तस्वीर देखने को मिली—जहां एक पिता ने ही अपने 12 वर्षीय मासूम बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी।

बच्चे को तड़पा-तड़पा कर मौत के घाट उतार दिया

बताया जा रहा है कि पिता ने हंसिए से ताबड़तोड़ वार कर बच्चे को तड़पा-तड़पा कर मौत के घाट उतार दिया। घर में मौजूद खून के छींटे और संघर्ष के निशान इस बात की गवाही दे रहे हैं कि मासूम ने जान बचाने के लिए घर के हर कोने में भागकर बचने की कोशिश की, लेकिन हैवानियत के आगे उसकी सांसें हार गईं।

घर में खून ही खून… दीवारों से फर्श तक बिखरी दहशत

घटना का खुलासा तब हुआ जब मृतक की मां उर्मिला देवी, जो एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं, दोपहर करीब 3 बजे स्कूल से घर लौटीं।घर का नजारा देखते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।सीढ़ियों पर खून, कमरों में खून, रसोई तक खून की लकीरें, दीवारों पर छींटे, हर तरफ सिर्फ एक ही चीज थी—खून और दहशत। उर्मिला देवी ने बेटे मयंक को आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। बच्चे का कहीं पता नहीं था।

बेटा गायब… मां की चीख से मचा हड़कंप

मां ने जब आसपास तलाश की और बच्चा नहीं मिला तो घबराकर पड़ोसियों को बुलाया। कुछ ही देर में खबर फैल गई कि घर के अंदर कुछ बहुत बड़ा कांड हुआ है।इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस भी रह गई दंग… खून के निशान बने सुराग

मौके पर पहुंची पुलिस ने घर की तलाशी शुरू की। शुरुआत में बच्चे का शव कहीं नजर नहीं आया। पुलिस ने घर के कोने-कोने की जांच की।इसी दौरान पुलिस ने फर्श और दीवारों पर फैले खून के निशानों का रूटमैप तैयार किया। खून के निशान जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे थे, पुलिस को एक दिशा में ले जा रहे थे—स्टोर रूम की तरफ।

स्टोर रूम में बंद बक्सा… ताला तोड़ते ही निकला मौत का सच

स्टोर रूम में एक बड़ा बक्सा रखा था, जिस पर ताला लगा हुआ था।पुलिस को शक हुआ।ताला तोड़ा गया…और जैसे ही ढक्कन खुला—सबकी रूह कांप गई।बक्से के अंदर था 12 वर्षीय मयंक का लहूलुहान, क्षत-विक्षत शव।

बचने के लिए भागता रहा मासूम… घर बना कत्लगाह

पुलिस को घर में खून के छींटे जिस तरह मिले, उससे साफ है कि मयंक ने आखिरी सांस तक खुद को बचाने की कोशिश की।

खून के निशान बताते हैं कि बच्चा:

कभी कमरे में भागा

कभी रसोई की तरफ

कभी दरवाजे की तरफ

लेकिन दरिंदा पिता ने उसे पकड़ लिया और फिर हंसिए से लगातार वार करता रहा।

20 से 25 वार… सिर से पेट तक चीरा

पुलिस के अनुसार मयंक के शरीर पर 20 से 25 वार किए गए।

सिर पर 8 से 10 गहरे घाव

चेहरे, कान और हाथों पर चोटें

पेट, सीने और शरीर के अन्य हिस्सों पर वार के निशान

यानी हमला इतना खौफनाक था कि मासूम को खुद को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

खाना लेने रसोई में गया था… उसी वक्त हमला!

मां ने पुलिस को बताया कि मयंक स्कूल से लौटने के बाद ड्रेस बदलकर सबसे पहले खाना खाने जाता था।

आशंका है कि बच्चा रसोई में खाना लेने ही गया था कि तभी पिता ने हमला कर दिया।

मासूम खाना तक नहीं खा पाया… उससे पहले ही मौत दे दी गई।

सबूत मिटाने की कोशिश… लेकिन बच नहीं पाया आरोपी

हत्या के बाद आरोपी पिता ने वारदात छिपाने की भी कोशिश की।

पुलिस के मुताबिक उसने:

खून साफ करने के लिए बोरे का इस्तेमाल किया

फर्श को रगड़कर साफ करने की कोशिश की

शव वाले बक्से को पानी से धोया
ताकि बदबू और खून के निशान बाहर न आएं।

लेकिन एफएसएल टीम ने सूक्ष्म संकेतों और खून के निशानों से पूरी कहानी खोल दी।

खाली प्लॉट से मिला हंसिया… कत्ल का हथियार बरामद

पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी के घर के पीछे खाली प्लॉट में तलाशी ली। वहां से:

हत्या में इस्तेमाल हंसिया

खून से सना बोरा
बरामद हुआ।

संपत्ति विवाद और घरेलू कलह की एंगल

परिवार वालों के अनुसार पति-पत्नी के बीच लंबे समय से:

घरेलू कलह

संपत्ति विवाद
चल रहा था।

मृतक की मां उर्मिला देवी का आरोप है कि पति राजेश कुमार राजपूत ने ही बेटे की हत्या की।

प्लानिंग के तहत हत्या! बेटी के ट्यूशन जाते ही किया हमला

पुलिस का अनुमान है कि वारदात पूर्व नियोजित थी।

बताया जा रहा है कि आरोपी पिता ने पहले यह सुनिश्चित किया कि घर में कोई और न रहे।
वह 16 वर्षीय बेटी महिमा के ट्यूशन जाने का इंतजार कर रहा था।

जैसे ही बेटी घर से निकली—
उसने मासूम मयंक को निशाना बना लिया।

आरोपी फरार, पुलिस की कई टीमें तलाश में

एसएसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं।

आसपास के इलाकों में दबिश

संदिग्ध ठिकानों की जांच

संभावित रूट पर चेकिंग

बच्चे के मामा की तहरीर पर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

फिरोजाबाद की यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों के टूटने की सबसे खौफनाक कहानी है। जहां एक पिता, जो बच्चों के लिए ढाल माना जाता है, वही अपने ही बेटे के लिए मौत बन गया।

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