प्रयागराज (इलाहाबाद)। ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) ने यूजीसी रेगुलेशन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाने के खिलाफ देशव्यापी प्रतिरोध दर्ज किया। इस क्रम में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन गेट से जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च निकाला गया और ज्ञापन देकर विरोध दर्ज कराया गया।
जिलाधिकारी कार्यालय तक किया मार्च
मार्च की शुरुआत छात्रसंघ भवन गेट पर सभा के साथ हुई, जिसमें छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की निंदा करते हुए इसे सामाजिक न्याय की अवहेलना और विश्वविद्यालय में व्याप्त जातिगत एवं लैंगिक हिंसा को बढ़ावा देने वाला बताया। मार्च के दौरान छात्रों ने नारेबाजी की और जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुँचकर ज्ञापन सौंपा।
जातिगत भेदभाव में 118% की वृद्धि
आइसा इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यक्ष सोनाली यादव ने कहा कि सरकार की रिपोर्ट के अनुसार जातिगत भेदभाव में 118% की वृद्धि हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यूजीसी रेगुलेशन को और जवाबदेह एवं भागीदारीपूर्ण तरीके से लागू नहीं किया गया, तो विरोध और तेज होगा।शोध छात्र केतन ने कहा कि जब भी दलित और पिछड़े अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं, तो शोषणकारी तबके का डर सताने लगता है। इसी कारण यह रेगुलेशन बनाया गया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने रोक दिया है। यह रोहित वेमुला और दर्शन सोलंकी जैसी घटनाओं को वैध ठहराने जैसा कदम है।
न्यायालय में जरूरी तथ्य पेश नहीं किए जा रहे
आइसा इकाई सहसचिव मानवेंद्र ने कहा कि मौजूदा सरकार सामाजिक विषमता के खिलाफ कानून का दिखावा तो करती है, लेकिन उसे न्यायालय में जरूरी तथ्य पेश नहीं किए जा रहे हैं। साथ ही सरकार UGC जैसी सार्वजनिक संस्था को खत्म करके निजीकरण की राह पर ले जा रही है।शोध छात्र निखिल ने कहा कि कानून के दुरुपयोग की संभावनाओं के डर में रेगुलेशन वापस लिया गया, जबकि कानून को शोषण विहीन कैंपस बनाने के लिए लागू करना जरूरी है।
भाजपा सरकार शिक्षा और रोजगार में नाकाम रही
आरवाईए प्रदेश सचिव सुनील मौर्य ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा और रोजगार में नाकाम रही है और दलित-पिछड़ों के अधिकारों का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है। उनका कहना था कि संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक लोकतंत्र और सामाजिक समानता स्थापित नहीं हो जाती।सभा के बाद जिलाधिकारी कार्यालय में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें यूजीसी रेगुलेशन को जवाबदेह बनाने और लागू करने की मांग की गई।
इस दौरान आइसा उपाध्यक्ष सौम्या ने ज्ञापन पढ़ा। सभा का संचालन शशांक ने किया। प्रदर्शन में सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद थे, जिनमें सुजीत, अमित, आर्यन, सुधीर, प्रदीप, साक्षी, पूजा, गोबिंद, राधा, अभिषेक, दिवाकर, अंकुल, पारस, विश्वेंद्र, प्रिंस, श्वेतांक शामिल थे।
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