एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । केजीएमयू की महिला रेजीडेंट के यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयास से जुड़े मामले में पुलिस ने शुक्रवार को मुख्य आरोपी डॉ. रमीज के करीबी सारिक खान को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपी को जेल भेज दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि सारिक न सिर्फ धर्मांतरण की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाता था, बल्कि जाली दस्तावेज तैयार करने में भी माहिर था।पुलिस के अनुसार, सारिक आगरा की महिला डॉक्टर के धर्मांतरण का गवाह भी रहा है और उसने पीड़ित महिला डॉक्टर पर दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने की कोशिश की थी।
धर्मांतरण के बाद नया नाम, उसी पर बनते थे जाली कागजात
जांच में खुलासा हुआ है कि धर्मांतरण के बाद महिलाओं का नया नाम रखा जाता था, और फिर उसी नाम से फर्जी दस्तावेज/कागजात तैयार किए जाते थे। पुलिस ने पूछताछ में आरोपी से सवाल किया कि उसने अब तक कितनी महिलाओं का धर्मांतरण कराया है, लेकिन इस पर आरोपी ने चुप्पी साध ली।इस पूरे धर्मांतरण प्रकरण में अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, धर्मांतरण कराने वाले काजी की उम्र 90 साल से अधिक है और वह गंभीर बीमारी से पीड़ित है। इसी वजह से फिलहाल पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर रही है।
सारिक के मोबाइल में मिले सुराग, फोरेंसिक जांच होगी
पुलिस को सारिक के मोबाइल फोन से कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने मोबाइल से काफी डाटा डिलीट कर दिया है। अब मोबाइल फोन को फोरेंसिक टीम के पास भेजा जाएगा। डाटा रिकवरी के बाद गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
गिरफ्तारी से बचने को बदलता रहा ठिकाने
पूछताछ में सारिक ने बताया कि वह गिरफ्तारी के डर से लगातार ठिकाने बदलकर रह रहा था। वह दिल्ली, बरेली, पीलीभीत, उत्तराखंड समेत कई जगहों पर छिपा रहा। पुलिस ने उससे यह भी पूछा है कि उसे छिपने में किन लोगों ने मदद की। हालांकि आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसे साजिश के तहत फंसाया गया है।पुलिस के मुताबिक, सारिक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी था। इसके बाद पुलिस की टीम उसकी तलाश में पीलीभीत तक पहुंची थी।
पासपोर्ट बनवाकर विदेश भागने की तैयारी में था आरोपी
एसीपी चौक राजकुमार सिंह के अनुसार, पीलीभीत के पंजाबियन गली मोहल्ला फीलखाना निवासी सारिक विदेश भागने की फिराक में था। उसने पासपोर्ट भी बनवा लिया था। आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।पूछताछ में सारिक ने बताया कि वह डॉ. रमीज का दोस्त था और रमीज के कहने पर ही वह निकाह के जाली कागजात और अन्य व्यवस्थाएं करता था।
ब्लैकमेलिंग का आरोप, अश्लील वीडियो बनाने की बात कबूली
सारिक ने पुलिस को बताया कि उसके पिता अजहर खान की दोस्ती रमीज के पिता सलीमुद्दीन और काजी सैयद जाहिद हसन राणा से थी। उसने दावा किया कि डॉ. रमीज लड़कियों का ब्रेन वॉश करता था और उनके धर्म की कमियां बताकर उन्हें झांसे में लेता था। इसके बाद धर्मांतरण के लिए प्रेरित करता था, जिसमें सारिक मदद करता था।पूछताछ में सारिक ने यह भी स्वीकार किया है कि उसने रमीज के साथ मिलकर लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने की बात कबूल की है।
