बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री द्वारा लगाए गए कथित बंधक बनाए जाने के आरोपों पर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। जिलाधिकारी ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए स्पष्ट किया कि पूरे मामले को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है और सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है।

डीएम ने बताया कि चर्चा शांतिपूर्ण तरीके से कॉफी टेबल पर हुई

डीएम अविनाश सिंह के अनुसार, सिटी मजिस्ट्रेट स्वयं हाल के घटनाक्रम और यूजीसी से जुड़े नियमों पर चर्चा करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आवास पहुंचे थे। उस समय आवास पर अपर जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। सभी अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई।जिलाधिकारी ने बताया कि चर्चा शांतिपूर्ण तरीके से कॉफी टेबल पर हुई, जहां किसी भी तरह का दबाव, रोक-टोक या असामान्य व्यवहार नहीं किया गया। उन्होंने यह भी साफ किया कि बातचीत के दौरान न तो किसी प्रकार की अमर्यादित भाषा का प्रयोग हुआ और न ही किसी अधिकारी की गरिमा को ठेस पहुंचाई गई।

जिला प्रशासन ने पूरे मामले में संयम और संतुलन बनाए रखा

डीएम ने “बंधक बनाए जाने” जैसे शब्दों के प्रयोग को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे प्रशासन की छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जाता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन संवाद और आपसी समझ के जरिए कार्य करने में विश्वास रखता है, न कि किसी प्रकार की जबरदस्ती या अनुचित दबाव में।अविनाश सिंह ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उन्हें सनसनीखेज आरोपों का रूप देना सही नहीं है। जिला प्रशासन ने पूरे मामले में संयम और संतुलन बनाए रखा है और आगे भी संवैधानिक मर्यादाओं के भीतर रहकर ही कार्य किया जाएगा।उन्होंने दो टूक कहा कि प्रशासन का मूल सिद्धांत संवाद और सहयोग है, और किसी भी अधिकारी के साथ अन्याय या अनुचित व्यवहार का सवाल ही पैदा नहीं होता।

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