एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । उत्तर प्रदेश की लोकतांत्रिक तस्वीर में एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। राज्य में करीब 3 करोड़ 62 लाख ऐसे नागरिक हैं, जो उम्र के लिहाज से वोट देने के पात्र हैं, लेकिन अब तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाए हैं। यह खुलासा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की जनसंख्या रिपोर्ट के विश्लेषण के बाद चुनाव आयोग ने किया है।
इसी बड़े अंतर को पाटने के लिए चुनाव आयोग ने एक महीने के भीतर एक करोड़ नए मतदाता जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इस अभियान में सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों से सक्रिय सहयोग भी मांगा गया है।
2026 तक 16 करोड़ से अधिक होंगे वोट देने के योग्य
केंद्रीय विभाग की वर्ष 2020 में जारी उच्चस्तरीय जनसंख्या रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2026 में उत्तर प्रदेश में 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नागरिकों की संख्या 16 करोड़ 16 लाख 85 हजार तक पहुंच जाएगी। यानी ये सभी नागरिक संविधान के तहत मताधिकार के पात्र होंगे।इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर चुनाव आयोग अपनी मतदाता सूची को दुरुस्त करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
कच्ची सूची और जनसंख्या में 3.62 करोड़ का फासला
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) के तहत 6 जनवरी को जारी कच्ची मतदाता सूची में 12 करोड़ 55 लाख मतदाता दर्ज हैं।जबकि केंद्रीय जनसंख्या अनुमान के अनुसार पात्र मतदाताओं की संख्या कहीं अधिक है।यही अंतर 3.62 करोड़ पात्र मतदाताओं के रूप में सामने आया है, जिन्हें सूची में शामिल किया जाना बाकी है।
फॉर्म-6 भरने की अपील, 6 फरवरी तक मौका
चुनाव आयोग ने ऐसे सभी पात्र नागरिकों से अपील की है, जिनका नाम कच्ची मतदाता सूची में नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर मतदाता पंजीकरण कराएं।
6 फरवरी तक फॉर्म-6 भरने पर
6 मार्च को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची में नाम जुड़ जाएगा
चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक में साफ शब्दों में कहा है कि यदि एक महीने में एक करोड़ नए मतदाता नहीं जुड़ते, तो इसका मतलब होगा कि अभियान में कहीं न कहीं गंभीर कमी रह गई।
पहले भी दिखा है असर, दो चुनावों में जुड़े थे लाखों वोटर
चुनाव आयोग का भरोसा पिछले अनुभवों पर टिका है।
2022 विधानसभा चुनाव से पहले विशेष अभियान में 50 लाख से अधिक मतदाता जुड़े
2024 लोकसभा चुनाव से पहले भी करीब 50 लाख नए वोटर सूची में शामिल हुए
आयोग का मानना है कि यदि उसी स्तर की सक्रियता दोहराई गई, तो एक करोड़ नए मतदाता जोड़ना पूरी तरह संभव है।
चुनाव आयोग का स्पष्ट संदेश
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा“हम अगले एक माह में एक करोड़ नए मतदाता जोड़ने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी राजनीतिक दलों से बातचीत की गई है और सहयोग की अपेक्षा है।”
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