तेहरान। ईरान में आर्थिक दबाव और शासन व्यवस्था के खिलाफ भड़का जनाक्रोश लगातार तेज होता जा रहा है। बीते एक सप्ताह से जारी विरोध प्रदर्शनों ने देश के अधिकांश हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया है। हालात ऐसे हैं कि 31 में से 25 प्रांतों के दर्जनों शहरों में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है, जहां प्रदर्शन, हड़ताल और विरोध सभाओं की खबरें सामने आ रही हैं।
झड़पों के दौरान अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी
प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच कई इलाकों में टकराव हुआ है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, झड़पों के दौरान अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई दर्जन लोग घायल बताए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें युवा और नाबालिग भी शामिल हैं। कई शहरों में इंटरनेट सेवाओं पर आंशिक रोक और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी : अली खामेनेई
देश के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने हालात पर पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया देते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि हिंसा और अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार समर्थक हलकों का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों को स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण रखने के निर्देश दिए गए हैं।उधर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ईरान की स्थिति को लेकर चिंता जताई जा रही है।
कुछ पश्चिमी देशों ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान जारी किए
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार अधिकारियों ने ईरानी प्रशासन से अपील की है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान किया जाए और अत्यधिक बल प्रयोग से बचा जाए। वहीं, कुछ पश्चिमी देशों ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान जारी किए हैं।राजधानी तेहरान समेत कई बड़े शहरों में हालात लगातार बदल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आर्थिक हालात और जन असंतोष पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप ले सकता है।
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