वाशिंगटन/काराकस। वेनेजुएला को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स और दावों के मुताबिक, अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद वेनेजुएला की राजधानी काराकस में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इन दावों में कहा गया है कि अमेरिकी सुरक्षा बलों ने राष्ट्रपति भवन में कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लिया और उन्हें अमेरिका ले जाया गया।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को “सफल” बताया

रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को “सफल” बताया और दावा किया कि मादुरो दंपती फिलहाल न्यूयॉर्क स्थित एक सैन्य अड्डे पर हैं। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई अमेरिकी सेना की एक विशेष इकाई द्वारा अंजाम दी गई। कुछ मीडिया संस्थानों का यह भी कहना है कि मादुरो पर ड्रग्स और हथियारों से जुड़े मामलों में अमेरिकी अदालत में आरोप तय किए जा सकते हैं।हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर वेनेजुएला सरकार ने कड़ा ऐतराज जताया है।

डेल्सी ने इसे देश की संप्रभुता पर सीधा हमला बताया

उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने इन दावों को “बर्बर, अवैध और अपहरण की कार्रवाई” करार देते हुए इसे देश की संप्रभुता पर सीधा हमला बताया है। उन्होंने राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी की तत्काल रिहाई की मांग की है।उधर, वेनेजुएला का विपक्षी खेमा अंतरराष्ट्रीय समुदाय के संपर्क में बताया जा रहा है। विपक्ष का दावा है कि कई लैटिन अमेरिकी देशों और यूरोपीय शक्तियों ने वेनेजुएला में लोकतंत्र की बहाली के प्रयासों को समर्थन दिया है।

हालात बेहद तनावपूर्ण हैं और दुनिया भर की नजरें

विपक्ष पहले से ही जुलाई 2024 के राष्ट्रपति चुनावों को लेकर धांधली के आरोप लगाता रहा है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक समर्थन मिला था।विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ये दावे सही साबित होते हैं, तो यह अमेरिका–वेनेजुएला संबंधों में अब तक का सबसे बड़ा टकराव होगा और इसका असर लैटिन अमेरिका की राजनीति, वैश्विक कूटनीति और ऊर्जा बाजारों तक पड़ सकता है। फिलहाल, हालात बेहद तनावपूर्ण हैं और दुनिया भर की नजरें इस घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

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