एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । राजधानी लखनऊ में कड़ाके की ठंड अब जानलेवा साबित होने लगी है। तापमान में लगातार गिरावट के साथ ही हार्ट अटैक और दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों के मामलों में तेज़ी से इजाफा दर्ज किया जा रहा है। शहर के प्रमुख सरकारी अस्पतालों—किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) और डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान—में कार्डियक इमरजेंसी के मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
इस तरह की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे मरीज
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, बीते कुछ दिनों से इमरजेंसी में सीने में तेज दर्द, सांस लेने में तकलीफ और अचानक बेहोशी की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। सबसे ज्यादा जोखिम बुजुर्गों, पहले से हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज से पीड़ित लोगों में देखा जा रहा है।
कार्डियोलॉजी विभाग में रोजाना मरीजों की लंबी कतारें लग रही
KGMU के कार्डियोलॉजी विभाग में रोजाना मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि लोहिया संस्थान में भी कार्डियक इमरजेंसी बेड्स पर दबाव बढ़ गया है। चिकित्सकों का कहना है कि ठंड के मौसम में रक्त नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ जाता है और हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह के समय ठंड का असर सबसे ज्यादा घातक होता है। अचानक ठंडी हवा के संपर्क में आना, पर्याप्त गर्म कपड़े न पहनना और ठंड में अचानक भारी शारीरिक गतिविधि करना दिल के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।
डॉक्टरों ने आमजन से विशेष सतर्कता बरतने की अपील
डॉक्टरों ने आमजन से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उनका कहना है कि ठंड में शरीर को पूरी तरह ढककर रखें, सुबह-शाम ठंडी हवा से बचें, नियमित दवाइयों में लापरवाही न करें और यदि सीने में दर्द, घबराहट, पसीना आना या सांस फूलने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें।स्वास्थ्य विभाग ने भी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है। ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है, क्योंकि जरा-सी लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है।
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