एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । उत्तर प्रदेश प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) के स्थापना दिवस-2025 के अवसर पर गुरुवार को पीएसी मुख्यालय स्थित संवाद सभागार में वरिष्ठ अधिकारियों एवं सेनानायकों का भव्य सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश व राज्य पुलिस प्रमुख राजीव कृष्ण की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर पुलिस महानिदेशक पीएसी डा. आर.के. स्वर्णकार ने की।
सम्मेलन का शुभारम्भ पीएसी गीत के साथ किया गया
सम्मेलन का शुभारम्भ पीएसी गीत के साथ किया गया। तदोपरान्त सम्मेलन में पीएसी बल से जुडे विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर पुलिस उपमहानिरीक्षक/सेनानायकों द्वारा क्रमशः निम्नलिखित प्रस्तुतीकरण किया गया। कल्पना सक्सेना, पुलिस महानिरीक्षक पीएसी मेरठ अनुभाग मेरठ व अमित कुमार सेनानायक 35वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ द्वारा ‘‘पीएसी की व्यवसायिक दक्षता बढाने के लिये प्रशिक्षण‘‘ विषय पर प्रस्तुतीकरण किया गया। सत्येन्द्र कुमार पुलिस महानिरीक्षक पीएसी आगरा अनुभाग, अमित कुमार सेनानायक 35वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ एवं संतोष कुमार मीना सेनानायक द्वितीय वाहिनी पीएसी सीतापुर द्वारा ‘‘पीएसी में तकनीकी प्रयोग‘‘ विषयक पर प्रस्तुतीकरण किया गया।

रिट की बढ़ती हुयी संख्या पर अंकुश लगाने की विधि‘ पर दी गई जानकारी
ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह संयुक्त निदेशक अभियोजन पीएसी मुख्यालय, धीरानन्द श्रीवास्तव अभियोजन अधिकारी पीएसी मुख्यालय ‘‘रिट की बढ़ती हुयी संख्या पर अंकुश लगाने की विधि‘‘ विषय पर प्रस्तुतीकरण किया गया। किरीट राठोड, पुलिस उपमहानिरीक्षक, पीएसी, लखनऊ अनुभाग, रवि कुमार सेनानायक 11वीं वाहिनी पीएसी सीतापुर, दिनेश यादव सेनानायक 41वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद द्वारा ’’वृहद निर्माण/लघु निर्माण एवं अनुरक्षण सम्बन्धी कार्यों को गुणवत्तापूर्वक कराये जाने की रणनीति ’’(Strategy)’’ विषय पर प्रस्तुतीकरण किया गया।
वित्तीय प्रबन्धन इत्यादि’’ विषय पर प्रस्तुतीकरण इन्होंने ने दिया
अतुल शर्मा, पुलिस उपमहानिरीक्षक, पीएसी, कानपुर अनुभाग, कानपुर, अनिरूद्ध कुमार सेनानायक 28वीं वाहिनी पीएसी इटावा, सर्वेश कुमार मिश्र सेनानायक चतुर्थ वाहिनी पीएसी प्रयागराज, शीतांशु कुमार अपर पुलिस अधीक्षक पीएसी मुख्यालय द्वारा ’’जेम पोर्टल से खरीददारी की प्रक्रिया-सीधे क्रय प्रक्रिया/अन्य क्रय प्रक्रिया, सावधानियों, वित्तीय प्रबन्धन इत्यादि’’ विषय पर प्रस्तुतीकरण किया गया। आकाश तोमर सेनानायक 08वी वाहिनी पीएसी बरेली, कमलेश बहादुर सेनानायक 49वी वाहिनी पीएसी गौतमबुद्धनगर द्वारा ‘‘पीएसी में लघु दण्ड एवं दीर्घ दण्ड के अन्तर्गत विभागीय कार्यवाही की प्रक्रिया, सावधानियॉ इत्यादि‘‘ विषय पर प्रस्तुतीकरण किया गया।
मानसिक स्वास्थ्य पर डा. ख्याति गर्ग ने दी जानकारी
डा० ख्याति गर्ग, सेनानायक, 09वीं वाहिनी पीएसी, मुरादाबाद व अमित कुमार सेनानायक 23वी वाहिनी पीएसी मुरादाबाद द्वारा ’’मानसिक स्वास्थ्य (mental health)’’ विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। मनोज कुमार सोनकर पुलिस उपमहानिरीक्षक, पीएसी, वाराणसी अनुभाग, वाराणसी, नेपाल सिंह सेनानायक 39वीं वाहिनी पीएसी मीरजापुर,निहारिका शर्मा सेनानायक 26वीं वाहिनी पीएसी गोरखपुर द्वारा ’’आर०टी०सी० में चुनौतियों एवं सुधार’’ विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। कल्पना सक्सेना, पुलिस उपमहानिरीक्षक, पीएसी, मेरठ अनुभाग, मेरठ, सचिन्द्र पटेल सेनानायक 44वीं वाहिनी पीएसी मेरठ, चारू निगम सेनानायक 47वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद द्वारा ’’पुलिस माडर्न स्कूल में चुनौतियाँ एवं सुधार’’ विषय पर प्रस्तुतीकरण किया गया।
प्रत्येक संगठन की अपनी संस्थागत शक्तियाँ व सीमाएँ होती है: डीजीपी
अपर पुलिस महानिदेशक पीएसी द्वारा उपरोक्त प्रस्तुतीकरण बिन्दुओं पर क्रियान्वयन किये जाने का निर्देश दिया गया। इस अवसर पर राजीव कृष्ण पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश/राज्य पुलिस प्रमुख द्वारा पीएसी संस्थापना दिवस-2025 के अवसर पर सम्मेलन में उपस्थित अधिकारीगणों को संबोधित करते हुये कहा कि उत्तर प्रदेश प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पी.ए.सी.) उत्तर प्रदेश पुलिस एवं राज्य सरकार का एकमात्र अर्धसैनिक बल है, जिसकी भूमिका प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रत्येक संगठन की अपनी संस्थागत शक्तियाँ और सीमाएँ होती हैं, ऐसे में दायित्व यह है कि शक्तियों को निरंतर सुदृढ़ किया जाए और कमियों को योजनाबद्ध ढंग से दूर किया जाए। ऑपरेशनल रेडीनेस बनाए रखने का सर्वाधिक प्रभावी माध्यम प्रशिक्षण है-चाहे वह उसकी आवृत्ति हो या गुणवत्ता।

शिक्षण का उद्देश्य स्पष्ट, व्यावहारिक होना चाहिए: डीजीपी
उन्होंने इस दिशा में प्रारंभ किए गए प्रयासों को सराहनीय बताते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य स्पष्ट, व्यावहारिक और परिणामोन्मुख होना चाहिए, ताकि सिपाही से लेकर प्लाटून कमांडर तक प्रत्येक कार्मिक उसे उपयोगी और प्रासंगिक अनुभव कर सके।
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प्रशिक्षण वास्तविक परिस्थितियों, उपलब्ध संसाधनों और बल की संरचना के अनुरूप होना चाहिए तथा उसके अपेक्षित परिणाम पहले से निर्धारित और स्पष्ट होने चाहिए। भीड़ नियंत्रण जैसे विषयों में दृश्य एवं उदाहरण-आधारित प्रशिक्षण, सही और गलत व्यवहारों को समानांतर प्रस्तुत कर, दिशा और लक्ष्य स्पष्ट करने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
लक्ष्य की स्पष्टता और प्रयासों की निरंतरता अनिवार्य
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि इस समूची प्रक्रिया में नेतृत्व की भूमिका निर्णायक है-वर्तमान स्थिति का निष्पक्ष आकलन, लक्ष्य की स्पष्टता और उपलब्ध संसाधनों के भीतर प्रभावी प्रशिक्षण सुनिश्चित करना नेतृत्व की प्राथमिक जिम्मेदारी है। प्रशिक्षण बाहरी निर्भरता के बजाय संगठन की आंतरिक नेतृत्व क्षमता से विकसित होना चाहिए। हाल के महीनों में इस दिशा में हुई प्रगति को उन्होंने उत्साहजनक बताया और कहा कि यह संगठन की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझने का संकेत है।
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उन्होंने कहा कि वेलफेयर में हुए सुधार महत्वपूर्ण हैं, किंतु संसाधनों के अनुरूप ठोस और मापनीय आउटपुट भी अनिवार्य है। पुलिस महानिदेशक ने अन्य केंद्रीय बलों के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि कमान, ऑपरेशनल उपयोग और प्रशिक्षण-तीनों क्षेत्रों में सफलता के लिए लक्ष्य की स्पष्टता और प्रयासों की निरंतरता अनिवार्य है।
पी.ए.सी. में उत्कृष्ट प्रदर्शन की अपार संभावनाएँ विद्यमान
कार्य-आधारित एवं लक्ष्य-केंद्रित प्रशिक्षण ही पी.ए.सी. को अधिक सक्षम और आत्मविश्वासी बना सकता है। उन्होंने सभी वरिष्ठ अधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे संगठन में अपनी भूमिका पर गंभीरता से विचार करें। स्थायी सुधार व्यक्तियों पर नहीं, बल्कि प्रभावी, पारदर्शी और व्यावहारिक प्रणालियों पर आधारित होते हैं-जिसका प्रमाण भर्ती प्रक्रियाओं में सफलतापूर्वक लागू की गई प्रणालियों से मिलता है।
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अपने सम्बोधन के अंत में पुलिस महानिदेशक ने कहा कि पी.ए.सी. में उत्कृष्ट प्रदर्शन और उच्च स्तर के प्रोफेशनलिज्म की अपार संभावनाएँ विद्यमान हैं। ऐसे विमर्श और संवाद नई सोच एवं आत्ममंथन का अवसर प्रदान करते हैं। उद्देश्य की स्पष्टता, यथार्थवादी दृष्टिकोण और सीखने की खुली प्रवृत्ति के माध्यम से संगठन निरंतर प्रगति कर सकता है। उन्होंने पी.ए.सी. के स्थापना दिवस के अवसर पर समस्त अधिकारियों एवं जवानों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए इस महत्वपूर्ण विमर्श के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
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