एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ ।राजधानी में नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए नारकोटिक्स विभाग और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की संयुक्त टीम ने शनिवार देर रात आलमबाग क्षेत्र में छापा मारकर बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप और अन्य दवाएं बरामद कीं। टीम ने मौके से कारोबारी दीपक मलवानी को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से राजधानी में जानलेवा सिरप की सप्लाई कर रहा था।

चार कार्टन कोडीन सिरप जब्त

नारकोटिक्स विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आलमबाग के वीआईपी रोड स्थित स्नेह नगर में एक मकान में अवैध रूप से कोडीन सिरप की बड़ी खेप छिपाकर रखी गई है। सूचना पर टीम ने छापा मारा, जहां से चार कार्टन कोडीन सिरप के साथ-साथ मल्टीविटामिन और अन्य एलोपैथिक दवाओं का स्टॉक भी बरामद किया गया।कारोबारी दीपक मलवानी को मौके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

भाई की मेडिकल दुकान से होती थी अवैध सप्लाई

पूछताछ में दीपक ने बताया कि उसका भाई मनदीप मलवानी अमीनाबाद में मेडिकल स्टोर चलाता है, और वह वहीं पर काम करता था। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि दीपक अपने भाई की दुकान का इस्तेमाल “डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट” के रूप में करता था। यहां से प्रतिबंधित कोडीन सिरप, मल्टीविटामिन और अन्य दवाएं छोटे विक्रेताओं, ठेलों और स्थानीय फेरीवालों तक पहुंचाई जाती थीं।नारकोटिक्स टीम ने ऐसे सभी विक्रेताओं की सूची तैयार कर ली है और अब उन सभी जगहों पर छापेमारी की तैयारी चल रही है।

पूरे लखनऊ में फैला था नेटवर्क

अधिकारियों के अनुसार, दीपक का नेटवर्क सिर्फ आलमबाग या अमीनाबाद तक सीमित नहीं था, बल्कि उसने लखनऊ के कई इलाकों में अपनी सप्लाई चैन फैला रखी थी। कुछ मेडिकल थोक सप्लायरों से भी उसके संबंध मिले हैं, जो फर्जी बिलिंग के जरिए दवाओं की हेराफेरी करते थे।नारकोटिक्स विभाग अब इन थोक सप्लायरों की भूमिका की भी जांच कर रहा है ताकि पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सके।

राजधानी से बाहर तक फैला शक का दायरा

जांच एजेंसियों को शक है कि यह अवैध नेटवर्क राजधानी से बाहर अन्य जिलों तक फैला हुआ हो सकता है। नारकोटिक्स अधिकारियों ने बताया कि दीपक मलवानी के खिलाफ कृष्णानगर थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

एफएसडीए का बड़ा निरीक्षण अभियान

इस बीच, एफएसडीए ने प्रदेश में स्थापित 37 कफ सिरप निर्माण कंपनियों का निरीक्षण किया है। जांच के दौरान 38 रॉ मटेरियल और 31 तैयार उत्पादों के नमूने जांच हेतु एकत्र किए गए।निरीक्षण में लखनऊ, सहारनपुर, मथुरा और अलीगढ़ की चार इकाइयों में गंदगी और अनियमितताएं पाई गईं। इन फर्मों को औषधि प्रसाधन अधिनियम, 1940 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, क्योंकि उन्होंने मांगे गए अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए।

देशभर में सख्ती, आठ राज्यों ने लगाया प्रतिबंध

जानलेवा या मिलावटी कफ सिरप पर देश के कई राज्यों ने सख्त कदम उठाए हैं।मध्यप्रदेश ने कोल्ड्रिफ और नेस्ट्रो डीएस सिरप पर सीधा प्रतिबंध लगाया है।राजस्थान ने इन दवाओं को बाजार से हटाने का आदेश जारी किया है।केरल और तमिलनाडु ने सभी कोडीन युक्त सिरप की बिक्री पर रोक लगाई है।उत्तर प्रदेश और पंजाब ने इन दवाओं के निर्माण और वितरण पर रोक के आदेश दिए हैं।महाराष्ट्र ने कोडीन सिरप से जुड़े मामलों में राज्यव्यापी अलर्ट जारी किया है।छत्तीसगढ़ में 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए ऐसे सिरप के उपयोग पर सख्त दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं।

मिलावटी दवाओं का निर्माण या बिक्री गंभीर अपराध

भारत में प्रतिबंधित या मिलावटी दवाओं का निर्माण या बिक्री गंभीर अपराध है।औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की धारा 27(ए) के तहत, यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु मिलावटी दवा से होती है, तो दोषी को कम से कम 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा दी जा सकती है।इसके अलावा, भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत भी ऐसे अपराध पर एक वर्ष तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है।

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