एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । छात्र विवाद और एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज के बाद श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी एक बार फिर सुर्खियों में है। शनिवार को प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए यूनिवर्सिटी परिसर में बने अवैध निर्माणों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। बुलडोजर की गरज के बीच प्रशासन ने फार्मेसी विभाग के एनिमल हाउस समेत कई हिस्सों को जमींदोज कर दिया।देवा-चिनहट रोड स्थित इस यूनिवर्सिटी पर सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप लंबे समय से लग रहा था।
यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर 27 लाख 96 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका था
तहसीलदार नवाबगंज की अदालत ने 25 अगस्त को सुनवाई पूरी करते हुए यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर 27 लाख 96 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका था और 30 दिन में जमीन खाली करने का आदेश दिया था।आदेश की मियाद पूरी होने के बाद शनिवार को एडीएम न्यायिक राजकुमार सिंह यादव और एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी की मौजूदगी में प्रशासन ने तीन बुलडोजर लगाकर कार्रवाई शुरू की।सूत्रों के मुताबिक करीब छह बीघा जमीन सरकारी रिकॉर्ड में ऊसर-बंजर दर्ज है, जिस पर यूनिवर्सिटी का कब्जा पाया गया। शनिवार सुबह से ही राजस्व विभाग की टीम पैमाइश कर रही थी और शाम 4:45 बजे जैसे ही टीम को संकेत मिला, एनिमल हाउस सहित अन्य पक्के निर्माण ढहने लगे।
लाठीचार्ज के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन विवादों में घिरा
गौरतलब है कि हाल ही में एलएलबी छात्रों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन विवादों में घिरा हुआ है। इसी बीच प्रशासन की इस कार्रवाई ने पूरे परिसर में सन्नाटा फैला दिया। अधिकारी लगातार फोन पर निर्देश लेते रहे और टीम ने बिना किसी रुकावट के काम पूरा किया। अपर सचिव उच्च शिक्षा डॉ. दिनेश कुमार पहले ही विश्वविद्यालय ट्रस्ट के न्यास पत्र को निरस्त कर चुके हैं। अब राजस्व टीम यह जांच कर रही है कि यूनिवर्सिटी परिसर में और कहां-कहां अवैध कब्जा है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में जहां भी अवैध निर्माण मिलेगा, वहां बुलडोजर चलाने में देर नहीं होगी।
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